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मुलाजिमों को निकालने के िवरोध में की स्ट्राइक

6 वर्ष पहले
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लुधियाना। ठेकेदार के पिता पर गंभीर आरोप लगाते हुए सिविल हॉस्पिटल के मदर चाइल्ड अस्पताल में तैनात सफाई मुलाजिमों ने हड़ताल करके एसएमओ ऑफिस के बाहर धरना लगा दिया। ठेकेदार ने शुक्रवार को दो महिला मुलाजिमों को काम से निकाल दिया था। इसके विरोध में मुलाजिमों ने यह स्टेप उठाया। एसएमओ ने मामले की जांच के लिए डॉक्टरों का बोर्ड बना दिया है। दूसरी तरफ महिला मुलाजिम की शिकायत पर पुलिस भी जांच में जुट गई है।
महिला मुलाजिम जसपाल कौर का आरोप है कि उसने बाथरूम ब्लॉक होने की शिकायत की तो, उसे पर ही ब्लॉकेज का आरोप लगाकर काम से निकाल दिया गया। ठेकेदार का पिता खुद हॉस्पिटल में दर्जा चार मुलाजिम है, वह ठेके पर सफाई का काम कर रहे सभी मुलाजिमों से दुर्व्यवहार करता है। उन लोगों की सैलरी से 800 रुपये फंड के नाम पर काटे जाते हैं, लेकिन उनका कोई खाता नहीं खोला गया।
एक्टिव एंटी करप्शन संगठन के प्रधान रमेश बांगड़ और भावाधस लेबर विंग के जिला वाइस प्रधान राजकुमार सिद्धू की अगुवाई में एसएमओ को दिए मांग पत्र में मुलाजिमों ने महीने में 4 छुट्टियां देने, पूरी सैलरी दिलवाने, वर्दी देने, बैंक में खाता खुलवाने, डबल ड्यूटी लेने पर ओवरटाइम देने और दुर्व्यवहार बंद करने की मांग की। मुलाजिमों ने कार्रवाई नहीं होने तक हड़ताल पर रहने की चेतावनी दी है। इस मौके पर जसपाल कौर, राखी, कमलेश, राबड़ी, सुनयना, रोहित, विनय, टोनी, विशाल, सुरजीत सिंह, वीना, आकाश, लखबीर व साजन इत्यादि मुलाजिम मौजूद रहे।

जांच में जुटी पुलिस : निकाली गई महिला मुलाजिम जसपाल कौर द्वारा 181 नंबर डायल करके ठेकेदार के पिता पर गंभीर आरोप लगाने पर पुलिस जांच में जुट गई है। थाना डिवीजन नंबर 2 पुलिस ने महिला मुलाजिमों के बयान लिए। ठेकेदार ने भी मुलाजिमों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि जिन मुलाजिमों को निकाला गया है, वे जानबूझ कर अस्पताल के बाथरूमों को ब्लॉक कर देती थीं।
'ठेकेदार ने दो महिला मुलाजिमों को काम से निकाल दिया है, इस वजह से मुलाजिमों ने हड़ताल कर दी है। कुछ लोग काम कर रहे हैं, फिलहाल उनसे ही काम लिया जा रहा है। मामले की जांच के लिए डॉक्टरों का बोर्ड बना दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।' - परविंदर पाल सिद्धू (एसएमओ)