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जज की नजर टच स्क्रीन पर, वकीलों की टैब पर, साल में बचेंगे 494 पेड़

6 वर्ष पहले
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देशका तीसरा सबसे बड़ा कोर्ट पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पेपरलेस हो रहा है। 10.66 करोड़ कागजों का रिकाॅर्ड स्कैन हो चुका है, तीन करोड़ बचे हैं। वे भी जल्दी ही टच स्क्रीन पर होंगे। फिर सभी 56 कोर्टरूम पेपरलेस हो जाएंगे। शुरुआत चार फरवरी से हो चुकी है। अभी दो बेंच पेपरलेस हुई हैं। यहां जज के सामने फाइल नहीं, टच स्क्रीन है। इस पर जज केस के सभी दस्तावेज देख सकते हंै। वकील लैपटॉप, टैब या मोबाइल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (कंप्यूटराइजेशन) प्रमोद गोयल कहते हैं कि स्क्रीन पर कागज पलटने के लिए वैसा ही करना पड़ता है, जैसे आप किसी फाइल का पेज पलटते हैं।

इतने पेड़ बचेंगे तो डेढ़ एकड़ में फैला जंगल बच जाएगा।

रिकाॅर्ड: हमेशा रहेगा, जगह भी बचेगी

हाईकोर्टमें रिकाॅर्ड रूम की एक पूरी इमारत है। सेक्टर-17 में भी रिकाॅर्ड रखे हैं। अब जरूरत नहीं पड़ेगी। डाटा भी कभी खराब नहीं होगा।

फैसले: 15 के बजाए एक दिन में

फैसलेकी कॉपी अप्लाई करने में ही 15 दिन लग जाते हैं। अब इसमें सिर्फ एक दिन लगेगा। मुवक्किल घर बैठे ही ऑर्डर की काॅपी हासिल कर सकता है।

सुनवाई: ई-फाइल के अगले दिन

वकीलघर से ही केस दायर कर सकेगा। ई-फाइल होने वाला केस अगले ही दिन सुनवाई के लिए तैयार होगा। अभी इसमें दाे दिन लगते हैं।

86 हजार लीटरफ्यूल बच जाएगा कोर्ट की इस पहल से

175 लीटर फ्यूललगता है एक पेड़ सेे पेपर बनाने-पहुंचाने में

494 पेड़ लगतेहैं 4.20 लाख पेज बनाने के लिए।

85 हजार A4साइज शीट्स बनती हैं एक पेड़ से।

42 करोड़ लीटरपानी बचाया जा सकता है एक साल में

10 लीटर पानीलगता है एक पेज बनाने मेंं।

4.20 लाख कॉपियांबनती हंै। (औसतन पांच प्रतिवादी)

84 लाख कागजसाल भर में दायर होते हैं हाईकोर्ट में