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सोशल साइंस को ऑप्शनल विषय बनाने से राष्ट्र भाषा पर होगा असर

7 वर्ष पहले
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लुधियाना|हिंदी शिक्षकसंघ पंजाब द्वारा अहम मीटिंग का आयोजन किया गया। पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की ओर से नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के तहत 100 स्कूलों में नया सर्कुलर जारी करके 9वीं और 10वीं में हिंदी, उर्दू और सोशल साइंस में से एक विषय पढ़ने के लिए निर्देश दिए गए हैं। संघ के प्रधान मुनीश कुमार ने कहा कि इस निर्णय से राष्ट्रीय भाषा हिंदी पर असर पड़ेगा। वहीं, सोशल साइंस को वैकल्पिक बनाने से बच्चों के सामान्य ज्ञान पर भी असर पड़ेगा। मनोज कुमार ने कहा कि इस निर्णय से मास्टर कैडर के पद पर भी असर पड़ेगा। इसके लिए एमएलए, शिक्षा विभाग शिक्षा मंत्रियों को मांग पत्र दिया जाएगा। इसी के साथ ही मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भी लिखा जाएगा। इस मौके पर प्रदीप कुमार, डॉ. बबीता जैन, मुनीश कुमार, कुलजीत सिंह, ममता जुनेजा, प्रीतम चंद, मोहिंदर कुमार, लखविंदर सिंह अन्य सदस्य भी मौजूद थे।