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पूर्व सरपंच सैम ने सुपारी ले किया था दोनों बेटों का कत्ल

7 वर्ष पहले
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गौतम मुकेश|लुधियाना mukesh.gautam@dbcorp.in

फर्जीएनकाउंटर में बोहपुर के सगे भाइयों हरिंदर-जतिंदर को ढेर करने के मामले में अहम खुलासा हुआ है। मारे गए युवकों के पिता सतपाल सिंह के कलमबंद बयान के मुताबिक उनके बेटों का कत्ल कराने के लिए तीन लोगों ने इस मामले के आरोपी पूर्व सरपंच गुरजीत सिंह सैम को सुपारी दी थी। सतपाल ने इस मामले की जांच के लिए बनी स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) के सामने दर्ज कराए बयान में यह भी कहा कि सुपारी देने वाले तीनों लोगों को भी इस मामले में आरोपी बनाया जाए, जिनको पुलिस ने अभी तक नामजद नहीं किया है।

दर्ज बयान के मुताबिक 2010 में भी सतपाल के पड़ोसी बिलगा परिवार ने उनके घर में घुसकर मारपीट की थी। घर से बाहर निकालने पर हमलावरों ने और साथी बुलाकर फिर धावा बोला था। फिर रसूख के चलते थाना समराला में सतपाल, उनकी प|ी और दोनों बेटों के खिलाफ धारा-452 में झूठा मामला दर्ज करा सबको जेल भिजवा दिया था। चारों डेढ़ महीने तक जेल में रहे थे। आरोपियों ने फिर हरिंदर को दोराहा में मारपीट कर जख्मी किया। घर आने के दो दिन बाद आरोपियों ने फिर उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। आरोपियों ने फिर एक और झूठा मामला दर्ज कराया, जिसमें उन्हें(सतपाल) 39 दिन तक जेल में रहना पड़ा। फिर 28 नवंबर 2012 को गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह फत्तू ने सतपाल के दोनों बेटों के खिलाफ गुरुघर की बेइज्जती का झूठा मामला दर्ज करा उनको जेल भिजवा दिया।

सतपाल के मुताबिक फत्तू ने बाद में पूर्व सरपंच गुरजीत सिंह सैम और जॉर्जी की मदद से 7 जुलाई को बेटी से छेड़छाड़ के आरोप में उनके बेटे पर केस दर्ज कराया। फिर 21 अगस्त को गांव तखरां में छिंज मेले के दौरान रात को हरमनपिंदर जीत सिंह की लड़ाई हुई, जिसमें सतपाल के बेटे शामिल नहीं थे।

मगर सैम, उसके भाई गुरमीत सिंह पीटर और जॉर्जी ने मिलीभगत कर हरमनपिंदर पर जानलेवा हमले का झूठा मामला दोनों भाइयों पर दर्ज करवा दिया। बाद में पीटर और जॉर्जी ने हरमनपिंदर के पिता मनजिंदर सिंह के साथ मिलकर सैम को सतपाल के दोनों बेटों का मर्डर करने के लिए सुपारी दी।

^सतपाल ने जो सुपारी देने वाली बात कही है, ऐसा बयान मेरी जानकारी में नहीं है। मामले की जांच बड़े अफसर कर रहे हैं। उसके बयान एसआईटी से जुड़े बड़े अफसरों ने ही लिए हैं। -प्रमोदबान, पुलिसकमिश्नर लुधियाना