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टैक्स दिया तो प्रॉपर्टी होगी सील

7 वर्ष पहले
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2 साल का वसूला जा रहा एक ही बार में टैक्स

मोहितबहल| लुधियाना mohit.behl@dbcorp.in

एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने म्युनिसिपल कारपोरेशन के बाहर स्थित 500 स्क्वेयर फुट से ज्यादा बड़ी कॉमर्शियल बिल्डिंग्स पर लगने वाले इंस्टिट्यूशंस एंड अदर बिल्डिंग्स टैक्स को वसूलने के लिए सख्ती शुरू कर दी है। जो करदाता यह टैक्स जमा नहीं करवाएंगे डिपार्टमेंट उनकी प्रॉपर्टी को सील करेगा। इस टैक्स की नोटिफिकेशन के हिसाब से सरकार ने डिपार्टमेंट के अफसरों को टैक्स वसूलने के लिए स्पेशल पावर्स दी हैं। साथ ही आदेश दिए हैं कि टैक्स देने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। लुधियाना के असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर-3 एचपीएस गोत्रा ने यह साफ कर दिया है कि पहले और दूसरे नोटिस के बाद टैक्स जमा करवाने वालों को तीसरी बार डीम्ड असेस्ड कम टैक्स डिमांड नोटिस सर्व कर दिया जाएगा और 60 दिन के अंदर अगर उन्होंने टैक्स नहीं अदा किया तो टैक्स की रकम 2 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूलने के अलावा इंस्टिट्यूशंस एंड अदर बिल्डिंग्स टैक्स एक्ट के सेक्शन 9 के तहत उनकी बिल्डिंग सील की जाएगी।

अभीतक इकट्ठा हुआ 55 लाख: पंजाबके एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर अनुराग वर्मा ने बताया कि डिपार्टमेंट ने पूरे प्रदेश से 10 करोड़ रुपए इंस्टिट्यूशंस एंड अदर बिल्डिंग्स टैक्स कलेक्ट करने का टारगेट सेट किया है। लुधियाना की डिस्ट्रिक्ट-1 ने 15 लाख, डिस्ट्रिक्ट-2 ने 16 लाख और डिस्ट्रिक्ट-3 ने 24 लाख का टैक्स वसूल लिया है। सूत्रों के मुताबिक लुधियाना डिस्ट्रिक्ट की तीनों डिवीजनों से लगभग क2.5 से 3 करोड़ राजस्व डिपार्टमेंट को मिलने की उम्मीद है।

म्युनिसिपल लिमिट से बाहर बनी 500 वर्ग फुट से ज्यादा बड़ी फैक्ट्रियां, दुकानें, कॉलेज, इंस्टिट्यूट समेत गोदाम, रेस्टोरेंट, मैरिज पैलेस आैर किसी भी अन्य तरह की कॉमर्शियल बिल्डिंग।

2013 में हुआ था टैक्स वसूलने का नोटिफिकेशन, अब याद आया सरकार को : 2011में बनाए इस इंस्टिट्यूशंस एंड अदर बिल्डिंग्स टैक्स एक्ट के अंतर्गत सरकार ने 2 साल पहले भी जनता से यह टैक्स वसूलना चाहा था। जनवरी 2013 में हाईकोर्ट ने सरकार के इस एक्ट को वैलिड ठहराया था पर पूरे प्रदेश में लगाए गए एक ही दर के टैक्स रेट को नाजायज ठहराया था। इस आदेश के बाद 28 फरवरी 2013 को सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट ने हर जिले