\"शरीर के लिए जरूरी है डिटॉक्सीफिकेशन\'
डिटॉक्सकरना हर शरीर के लिए जरूरी है। चाहे जिस भी तरह का खाना हम खाएं, लेकिन अपनी बॉडी की मेडिकल कंडीशन को ध्यान में रखकर या कंसल्ट करने के बाद ही कुछ करना चाहिए। ये कहना था डॉ. हरप्रीत पसरीचा का। फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के लेडीज ऑर्गेनाइजेशन (फिक्की एफएलओ) लुधियाना द्वारा करवाए गए ‘बस्ट मिथ्स: हेल्दी वर्सेस फिट’ में मेंबर्स ने हिस्सा लिया। एफएलओ की चेयरपर्सन दिव्या ओसवाल ने डॉ. डाइट क्लीनिक की डॉ. हरप्रीत पसरीचा और पूजा मुंजाल का स्वागत किया। प्रोग्राम में मेंबर्स ने कई तरह के सवाल पूछे। डॉ. हरप्रीत पसरीचा ने मेंबर्स को अपनी बॉडी का ध्यान रखने को प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कई बार हमें पूरी जानकारी होने के बाद भी हम फॉलो करते हैं, जो बाद में शरीर के लिए नुकसानदायक हो जाती है। हरप्रीत ने कहा कि डिटॉक्स करने के लिए काफी लोग कोशिश करते हैं, लेकिन हमें अपनी बॉडी की मेडिकल जांच और डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही डिटडिटॉक्सिफिकेशन करनी चाहिए। कई लोग डिटॉक्स करना बॉडी वेट कम करना मानते हैं जो सही नहीं है। ये बस शरीर को हल्का, एनर्जी बढ़ाने, और टॉक्सिन को शरीर से क्लियर करने के काम आता है। मेंबर के सवाल पर डॉ. हरप्रीत ने कहा कि भारतीय खाना खराब नहीं होता लेकिन उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री कई बार नुकसान करती है। इसलिए हर शरीर को डिटडिटॉक्सिफिकेशन की जरूरत पड़ती है। इस मौके पर संगीता जैन, नंदिता भास्कर, सविता अग्रवाल भी मौजूद थीं।