पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बिना रेगुलराइजेशन के अब नहीं मिलेगा नया प्रॉपर्टी नंबर, बिजली, सीवरेज पानी कनेक्शन

बिना रेगुलराइजेशन के अब नहीं मिलेगा नया प्रॉपर्टी नंबर, बिजली, सीवरेज-पानी कनेक्शन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मनीष शर्मा| लुधियाना manish.sharma4@dbcorp.in

अगर अनएप्रूव्ड एरिया में खरीदे प्लॉट - बिल्डिंग रेगुलराइजेशन पॉलिसी के तहत रेगुलर नहीं करवाया तो अब पावरकॉम से नया बिजली कनेक्शन मिलेगा और निगम से सीवरेज-पानी कनेक्शन। शहर में 76 हजार रेजीडेंशियल और कॉमर्शियल बिल्डिंग मालिकों के रेगुलराइजेशन करवाने की वजह से निगम ने पावरकॉम के सहयोग से यह कदम उठाया है। पहले निगम इन इलाकों में सीवरेज-पानी कनेक्शन और प्रापर्टी नंबर इश्यू कर रहा था। वहीं, पावरकॉम भी कॉमर्शियल-इंडस्ट्रीयल को छोड़कर रेजीडेंशियल को बिना एनओसी के बिजली कनेक्शन इश्यू कर रहा था। लेकिन अब पावरकॉम बिजली कनेक्शन के लिए अप्लाई करने वाले से निगम की एनओसी मांगेगा, जो रेगुलराइजेशन के बगैर नहीं मिलेगी। वहीं, सीवरेज-पानी कनेक्शन के लिए भी पहले प्रॉपर्टी का रेगुलराइजेशन स्टेटस चेक किया जाएगा। साथ में प्रॉपर्टी नंबर पर भी रोक लगा दी गई है, इससे टीएस-1 नहीं मिलेगा तो प्रॉपर्टी की आगे रजिस्ट्री भी नहीं हो सकेगी। चूंकि रेगुलराइजेशन पॉलिसी अगले साल 16 जनवरी को खत्म हो जाएगी, इसलिए निगम सख्ती बरत रहा है। निगम के इस हार्ड स्टेप से आउटर इलाकों में ज्यादा प्रॉब्लम होगी, जहां नए कंस्ट्रक्शन हो रही है। खास बात यह है कि नए कनेक्शन देने अौर पुराने काटने की यह कार्रवाई रेगुलराइजेशन पॉलिसी के खत्म होने के बाद की जानी थी, लेकिन निगम की फाइनेंशियल कंडीशन सुधारने के लिए कमिश्नर ने पॉलिसी में क्लियर डायरेक्शन होने की वजह से इसे अभी से लागू करवा दिया।

इन इलाकों में ज्यादा प्रॉब्लम

> गेहलेवाल

> जालंधर बाईपास का बाहरी हिस्सा

> चंडीगढ़ रोड का बाहरी हिस्सा

> हंबड़ां रोड

> बाड़ेवाल

> ग्यासपुरा

> ढंडारी खुर्द

> ढंडारी कलां

> 33 फुटा रोड

> ताजपुर रोड

> टिब्बा रोड

> राहों रोड

> काकोवाल रोड

> नूरवाला रोड

> काली सड़क

> जस्सियां रोड

> हैबोवाल

> चंद्रनगर

नगर निगम अनएप्रूव्ड एरिया में सीवरेज-पानी के कनेक्शन दे रहा था। वहीं, प्रापर्टी नंबर इश्यू करने पर भी कोई रोक नहीं थी। जब कोई अनअप्रूव्ड एरिया की प्रापर्टी को बेचकर उसकी रजिस्ट्री करवाने जाता था तो ही तहसील में अनएप्रूव्ड कॉलोनियों की लिस्ट देखकर उससे एनओसी की मांग की जाती थी। वहीं, पावरकॉम सिर्फ कॉमर्शियल-इंडस्ट्रियल कनेक्शन के लिए निगम की एनओसी मांग