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कहने को सरप्राइज चेकिंग, मंत्री से पहले ही पहुंचे अफसर
सेहतमंत्रीसुरजीत कुमार ज्याणी ने सोमवार रात करीब 9 बजे सिविल हॉस्पिटल का अचानक दौरा किया। लेकिन हैरानी की बात ये थी कि उनके पहुंचने से पहले ही छुट्टी पर चल रहे सिविल सर्जन डॉ. सुभाष बत्ता, सहायक सिविल सर्जन डॉ. केएस सैनी, सिविल हॉस्पिटल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रेनू, एसएमओ डॉ. आरके करकरा, डॉ. राजिंदर गुलाटी, डॉ. हरजीत सिंह डॉ. मनजीत बाजवा हॉस्पिटल पहुंचे हुए थे। ज्याणी ने हॉस्पिटल में दाखिल मरीजों से पूछा कि उन्हें किसी तरह की तकलीफ तो नहीं है, उन्हें कोई दवाई बाहर से तो नहीं लानी पड़ी। मरीजों से मिले जवाब से मंत्री संतुष्ट नजर आए। उन्होंने दोहराया कि 5 बच्चों की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट में दोषी पाई गईं डॉ. अल्का मित्तल समेत सभी पांचों लोगों पर हुई कार्रवाई किसी भी हाल में वापस नहीं होगी। अगर कोई खुद को बेगुनाह कहता है तो वह अपनी बेगुनाही साबित करे।
कांग्रेसउद्घाटन करती तो 6-7 करोड़ खर्च होते : हॉस्पिटलके उद्घाटन को लेकर क्रेडिट वार के आरोपों में घिरे सेहतमंत्री ने कहा कि उन्होंने जब इसका उद्घाटन किया तो केवल 300 रुपये की प्लेट का ही खर्चा हुआ था। लेकिन अगर कांग्रेस इसका उद्घाटन करती तो 6-7 करोड़ का खर्च प्रोग्राम पर होता।
मदर चाइल्ड हॉस्पिटल की गाइनी वॉर्ड में दाखिल बाड़ेवाल की अनीशा के पति पवन से पूछा कि बाहर से कोई दवा तो नहीं मंगाई गई। पवन ने बताया कि पैरासीटामॉल ड्रॉप बाहर से मंगाया गया है। इस पर मंत्री ने उसकी फाइल चेक कराई। मगर उस पर किसी भी डॉक्टर द्वारा यह दवाई नहीं लिखी मिली। इस पर मंत्री ने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रेनू को जांच करने को कहा।