- Hindi News
- डेवलपमेंट और रेगुलराइजेशन फीस दे चुके कारोबारियों को नहीं देनी पड़ेगी ईडीसी
डेवलपमेंट और रेगुलराइजेशन फीस दे चुके कारोबारियों को नहीं देनी पड़ेगी ईडीसी
यशपाल शर्मा, मोहित बहल| लुधियाना
शहरमें ऐसी प्रॉपर्टी जिसका आपने कभी भी डेवलपमेंट चार्ज या फिर रेगुलराइजेशन फीस अदा की हो, तो ऐसी प्रॉपर्टियों के लिए एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जिज (ईडीसी) अब नहीं देना पड़ेगा। नगर निगम के इस आदेश से नए बिजली कनेक्शन या पुराने कनेक्शन का लोड बढ़ाने के लिए पावरकॉम में अप्लाई करने वाले कारोबारियों को फायदा होगा। शहर में ईडीसी का मुद्दा गर्माने पर अब निगम ने ईडीसी चार्ज से राहत दे दी है। इसके अलावा निगम ने नॉन डेजिग्नेटेड इलाकों में एनओसी के लिए 5000 रुपए फीस तय कर दी है। इससे लोगों को बार-बार एनओसी के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे। ये फीस निगम को अदा करने के बाद एक से दो दिन के भीतर एनओसी मिल जाएगी। गौर हो कि सीएलयू सर्टिफिकेट लेने में रही समस्या को दैनिक भास्कर की ओर से प्रमुखता से प्रकाशित भी किया जा रहा था।
इसलिएपड़ी नए आदेशों की जरूरत : नियमोंके तहत किसी भी प्रॉपर्टी से एक बार ही डेवलपमेंट चार्जिज, डेवलपमेंट फीस और रेगुलराइजेशन फीस ली जाती है। लेकिन नए बिजली कनेक्शन और पुराने बिजली लोड की एक्सटेंशन में पावरकॉम की ओर से कारोबारियों से सीएलयू सर्टिफिकेट मांगा जाता है। इसके लिए कारोबारियों की ओर से निगम में सीएलयू के आवेदन दौरान उन्हें 113 रुपए गज के लिहाज से ईडीसी जमा करवाने के लिए कहा जा रहा था। लेकिन जब लोगों की ओर से बिल्डिंग को रेगुलराइज डेवलपमेंट चार्जिज जमा करवाने की बात कही जा रही थी, तो निगम की ओर से इस संबंध में कोई आदेश होने की बात कह जबरदस्ती ईडीसी जमा करवाकर ही सीएलयू सर्टिफिकेट दिया जा रहा था।
अब 5 हजार रुपए में लीजिए निगम से एनओसी
वहीं,अब नॉन डेजिग्नेटेड इलाके में लगी इंडस्ट्री की एनओसी के लिए भी नगर निगम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। नगर निगम ने इस एनओसी के लिए अब एक मुश्त 5000 रुपए की फीस तय कर दी है। नगर निगम को ये फीस जमा करवाने के बाद आपको एक से दो दिन के भीतर नगर निगम एटीपी की ओर से एनओसी जारी की जाएगी। मास्टर प्लान के मुताबिक शहर के नॉन डेजिग्नेटेड इलाके में लगी इंडस्ट्री को अगस्त 2018 तक का समय दिया गया और इसके बाद यहां से पूरी इंडस्ट्री शिफ्ट की जानी है। कारोबारी जब बिजली का लोड एक्सटेंड कराने के लिए पावरकॉम के पास जाते हैं तो उन्हें निगम से एनओसी लाने को कहा जाता है। नगर निगम अगस्त 2018 तक की एनओसी ज