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फोकल प्वाइंट फेज-4 बना पंजाब का पहला स्पेशल पर्पज व्हीकल
लुधियानाका फोकल प्वाइंट फेज-4 पंजाब का पहला स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) बन गया है। इसका डेवलपमेंट खुद फोकल प्वाइंट के इंडस्ट्रियलिस्ट्स करेंगे। 150 इंडस्ट्रियलिस्ट्स इस एसपीवी के मेंबर बने हैं। राज्य सरकार ने रविवार को नोटिफिकेशन जारी करते हुए इंडस्ट्री एंड कॉमर्स के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ. डीपी रेड्डी को एसपीवी के संबंध में अपील अधिकारी नियुक्त कर दिया है। जबकि जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक महेश खन्ना को मॉनिटरिंग अफसर बनाया गया है। फोकल प्वाइंट के डेवलपमेंट के लिए केंद्र सरकार सीधे ग्रांट मुहैया कराएगी। इसमें केंद्र सरकार 75 फीसदी और राज्य सरकार का 15 फीसदी शेयर होगा। जबकि एसपीवी में शामिल इंडस्ट्रियलिस्ट्स का 10 फीसदी शेयर रहेगा। अधिकतम 60 करोड़ रुपए की ग्रांट केंद्र सरकार की तरफ से हासिल हो सकती है।
इंडस्ट्री मिनिस्टर मदन मोहन मित्तल ने कहा कि एसपीवी की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। लुधियाना फोकल प्वाइंट में एसपीवी सिस्टम की सफलता के बाद इसे प्रदेश के अन्य फोकल प्वाइंट में भी शुरू किया जाएगा। उनका दावा है कि पंजाब, देश का पहला राज्य है जिसने एसपीवी प्रणाली को अपनाया है। फोकल प्वाइंट की व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।
फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एसोसिएशन फेज-4 के प्रधान रजनीश आहूजा ने कहा कि पिछले एक साल से एसपीवी गठित कर रहे हैं। इसके लिए इंडस्ट्रियलिस्ट्स एससी रल्हन की अहम भूमिका है। सरकार की इस नोटिफिकेशन के बाद इंडस्ट्रियलिस्ट्स अपने इलाके को खुद संवार सकेंगे। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाएंगे।
फोकल प्वाइंट के डेवलपमेंट का जिम्मा पीडब्ल्यूडी, इरीगेशन डिपार्टमेंट, नगर निगम, पावरकॉम समेत अन्य महकमों का था। खास कर नगर निगम इसमें डेवलपमेंट का काम करवाता है, लेकिन आर्थिक तंगी होने से सड़कें, सीवरेज, पानी, पार्क, सफाई का कोई प्रबंध नहीं था। फोकल प्वाइंट की सड़कें इतनी खराब हैं कि विदेशों से आने वाले इंडस्ट्रियलिस्ट्स एक बार आने के बाद यहां दोबारा नहीं आते थे।
एसपीवी में शामिल 150 इंडस्ट्रियलिस्ट्स पर फोकल प्वाइंट फेज-4 की डेवलपमेंट का जिम्मा होगा। इसमें नगर निगम समेत कई सरकारी महकमे की कोई भूमिका नहीं होगी। केंद्र सरकार की ग्रांट में राज्य सरकार का शेयर होगा और इंडस्ट्रियलिस्ट्स उसमें अपना हिस्सा ड