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भागवत के आने की खबर अारएसएस को भी नहीं थी

7 वर्ष पहले
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आरएसएसके सर संघचालक मोहन राव मधुकर भागवत गुप्त कार्यक्रम के तहत वीरवार सुबह करीब सवा सात बजे यहां सिविल लाइंस स्थित माधव सदन पहुंचे। उन्होंने महज पौने घंटे के संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान माधव सदन की दोबारा से बनी इमारत का उदघाटन किया।

साथ ही कार्यक्रम में मौजूद संघ-परिवार के चुनिंदा लोगों को संबोधित करने के बाद गुरू-नगरी अमृतसर चले गए। सूत्रों के मुताबिक संघ-प्रमुख भागवत बुधवार की रात से ही शहर में थे, लेकिन इसकी भनक आरएसएस के स्वयंसेवकों को भी नहीं थी। माधव सदन में नवनिर्मित भवन का लोकार्पण समारोह माधवराव मुल्ये स्मारक समिति ने कराया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष मास्टर रामलाल, सचिव यशपाल गुप्ता कोषाध्यक्ष महावीर मड़िया के अलावा विभाग संघचालक फूलचंद जैन की प्रमुख उपस्थिति रही। इस बारे में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि संघ प्रमुख बीती रात ही ट्रेन द्वारा लुधियाना पहुंच गए थे। उनकी जैड-प्लस सिक्योरिटी होने की वजह से भी उनके आने की जानकारी संघ-परिवार में चुनिंदा लोगों को ही थी। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के घर पर रुकने के बाद सुबह सवेरे भी संघ-प्रमुख भागवत माधव सदन पहुंच गए।



यूं तो तीन दिन से गुपचुप तरीके से उनके कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी, जिसकी भनक लगने पर कुछ स्वयंसेवक माधव सदन भी जाना चाहते थे। लिहाजा संघ की आेर से स्वयंसेवकों को सूचित किया गया कि कार्यक्रम संक्षिप्त विशेष है और वे उसमें नहीं पहुंचें।

बताते हैं कि संघ-प्रमुख माधवराव मुल्ये स्मारक समिति की देखरेख में जारी कार्यक्रमों का जायजा लेने के मकसद से यहां से बाइ-रोड अमृतसर गए। मीडिया को कार्यक्रम से दूर रखने के मुद्दे पर संघ के पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि दरअसल यह समिति का कार्यक्रम था। वही माधव सदन का संचालन करती है। साथ ही माधव सदन में केवल संघ का आफिस ही नहीं है, बल्कि यहीं से डिस्पेंसरी, लाइब्रेरी, योगा सेंटर और सहयोगी संस्थाआें के अन्य कार्यक्रम चलते हैं। सन 1979 में बनी इस पुरानी इमारत का रेनोवेशन इसी मकसद से किया गया है।

भागवत ने मंगल-मिलन पर दी बधाई

बताते हैं कि कार्यक्रम के दौरान संघ-प्रमुख ने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि स्वयंसेवकों के साथ ही सबको मंगलयान के लाल-ग्रह में प्रवेश करने पर बधाई देना चाहता हूं। साथ ही