- Hindi News
- पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी आज शहर में, डाइंग इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्रियलिस्ट्स को नही
पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी आज शहर में, डाइंग इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्रियलिस्ट्स को नहीं बुलाया
शहरको प्रदूषण मुक्त बनाने को लेकर सरकार कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साइंस, टेक्नोलॉजी, इंवायरनमेंट और फॉरेस्ट इश्यू को लुधियाना में पहली बार रही 20 मेंबरी पार्लियामेंट्री स्टेंडिंग कमेटी से शहर की डाइंग इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री की एसोसिएशन इंडस्ट्रियलिस्ट का किनारा कर दिया गया है। बुड्ढा नाला को प्रदूषण मुक्त करने के लिए शहर में तीन जगहों पर इंडस्ट्रियलिस्ट तीन जगहों पर सरकार के साथ सीईटीपी लगाने की जंग में लगे हुए हैं, लेकिन इन सीईटीपी का जिम्मा उठा रहे किसी भी इंडस्ट्रियलिस्ट को अपनी समस्या और सरकार से उन्हें रही परेशानी बताने का न्यौता तक नहीं दिया गया है। ताजपुर रोड की इंडस्ट्री जहां सीईटीपी के लिए राज्य सरकार से सहयोग मांग रही है, वहीं बहादुर के रोड फोकल प्वाइंट की इंडस्ट्री सीईटीपी के लिए फंड का जुगाड़ करने की कोशिश में है। बताया जाता है कि पीपीसीबी अधिकारी अंदरखाते इंडस्ट्रियलिस्ट को स्टेंडिंग कमेटी से मिलवाने की बजाय दबकाने की कोशिश में है।
पीपीसीबीने उठाया था स्टैंडिंग कमेटी से मीटिंग करवाने का जिम्मा : पंजाबप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की ओर से शहर की डाइंग इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों की पार्लियामेंट्री कमेटी से मीटिंग करवाने का जिम्मा उठाया गया था।
न्होंने इसके लिए इंडस्ट्रियलिस्ट के नाम भी लिए थे। लेकिन कमेटी के आने से ठीक एक दिन पहले उन्हें ये कहकर इंकार कर दिया गया कि उनकी ओर से भेजे गए नाम कमेटी की ओर से नहीं लिए गए हैं। ऐसे में ये इंडस्ट्रियलिस्ट कमेटी के इस फैसले से बेहद मायूस हैं।
स्टैंडिंगकमेटी के आने से सरकार ने दी 25 फीसदी हिस्सेदारी का सहमति पत्र : जहांएक ओर से शहर में प्रदूषण के मुद्दों पर पार्लियामेंट्री कमेटी शहर में होगी, वहीं ठीक इससे पहले ताजपुर रोड राहों रोड की डाइंग इंडस्ट्री के लिए लग रहे सीईटीपी में सरकार की 25 फीसदी हिस्सेदारी का सहमति पत्र पंजाब डायर्स एसोसिएशन को वीरवार सुबह में उपलब्ध करवा दिया गया। बताया जाता है कि ये डाइंग इंडस्ट्री इस मुद्दे को लेकर स्टेंडिंग कमेटी के समक्ष सरकार इंवायरनमेंट डिपार्टमेंट की कोई पोल खोल दे, इसके लिए उन्हें ये सहमति पत्र थमा दिया गया है।
इंडस्ट्रीको रखा स्टैंडिंग कमेटी से दूर
प्रदेशका साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंवायरनमेंट डिपार्टमेंट, पीपीसीबी इंडस्ट्रियल डिपार्टमेंट पिछले करीब सात साल में बुड्ढा नाला की सफाई की कोशिश में जुटा है, लेकिन ये सभी सरकारी विभाग पूरी तरह से इसमें फेल रहे हैं। नाला सफाई को जो सीईटीपी सरकार की ओर से लगाए जाने थे, उनका जिम्मा भी शहर की डाइंग इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री पर डाल दिया गया है।
अब जब इंडस्ट्री सीईटीपी लगाने की कोशिश में जुटी है, तब भी सरकार की ओर से इन्हें लगाने का डंडा तो इंडस्ट्री पर किया जा रहा है, लेकिन सरकार की ओर से फंड का कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है।
^पार्लियामेंट्री कमेटी से मीटिंग को हमसे पीपीसीबी अधिकारियों ने नाम लिए थे, लेकिन बाद में उनके नाम कमेटी की ओर से शामिल किए जाने की जानकारी हमें दे दी गई। अगर कमेटी हमें बुलाती तो हम जरूर जाते। विजयमेहतानी, डाइंग इंडस्ट्रियलिस्ट्स फोकल प्वाइंट
^मुझेकिसी तरह का कोई न्यौता नहीं आया। पीपीसीबी ने नाम लिए थे, लेकिन बाद में कोई रिस्पांस नहीं आया। हां सुबह में सीईटीपी लगाने को सरकार की आेर से 25 फीसदी हिस्सेदारी देने का सहमति पत्र जरूर मिल गया है। बॉवीजिंदल, सेक्रेटरी पीडीए
^शहरके कई प्रोजेक्ट्स हैं, जिनका जेएनएनयूआरएम से आने वाले फंड को रोक दिया गया है। इसके अलावा शहर में सीईटीपी की एक्सटेंशन के लिए भी केंद्र से आने वाले फंड को रोक दिया गया है। सरकारी विभाग इंडस्ट्रियलिस्ट को दबा सकते हैं, लेकिन वे शहर की समस्याएं खुलकर कमेटी को बताएंगे और अगर कोई कारोबारी भी अपनी समस्या कमेटी तक पहुंचाना चाहता है तो मुझे मिल सकता है। भारतभूषण आशू, विधायक
^कमेटीको कईं इंडस्ट्रियलिस्ट्स के नाम भेजे गए थे, जो लिस्ट कमेटी ने फाइनल करके भेजी है, केवल वे ही कमेटी से मिल सकेंगे। गुलशनराय, चीफ इंजीनियर पीपीसीबी
मीटिंग में ये अहम इंडस्ट्रियलिस्ट्स और एनजीओ शामिल
शहरके छह अहम इंडस्ट्रियलिस्ट को स्टेंडिंग कमेटी के साथ मीटिंग का न्यौता दिया गया है। इनमें एसपी ओसवाल, कमल ओसवाल, राजिंदर गुप्ता, ललित जैन सहित दो अन्य इंडस्ट्रियलिस्ट शामिल हैं। वहीं एनजीओ में संभव फाउंडेशन से राहुल वर्मा और वी मार्ट से एक सदस्य शामिल हैं।