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इंसान को कर्मों का फल भोगना पड़ता है: वेद भारती

6 वर्ष पहले
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श्रीरामलीला मैदान दरेसी में भारती सेवा संघ की तरफ से 38वें विराट धर्म सम्मेलन के अंतर्गत पावन शिवपुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के 5वें दिन महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान शिव ही इंसान के कर्मों का विधान नियुक्त करते हैं। वह इंसान को उसके कर्मों के अनुसार नई योनी, नया धाम प्रदान करते हैं। जो प्राणी जिंदगी भर पाप कर्म करते हैं, उन्हें कठोर यातनाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जो इंसान शिवपुराण कथा का सच्चे मन से श्रवण करता है। भागवान भोलेनाथ की कृपा से उसके सभी पाप समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि रुद्र मोक्ष के देवता हैं। इसलिए इंसान को शुभ कर्म करने चाहिए। जिससे उसे आनंद की प्राप्ति हो और उसका कल्याण हो। समारोह में हरिद्वार से महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज विशेष तौर पर पहुंचे। इस अवसर पर अमरजीत मनोचा, सुरिंदर मनोचा, आरके खन्ना, अनिल गुप्ता टोनी, जगन्नाथ, अमित सहगल, भूषण गोरा, विश्व भारती, गुरुप्रिया भारती, अमिता भारती, चैतन्य भारती, मुक्ता भारती, सुकीर्ति भारती, सुमेधा भारती, बहन पुष्पा, रेखा, आंचल उपस्थित रहे।

दरेसी में आयोजित धर्म सम्मेलन में उपस्थित साध्वियां।