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भगवान कार्तिके का प्रसंग सुनाया, आई हुई संगतें सुनकर हुई निहाल

6 वर्ष पहले
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लुधियाना |रिषी नगरस्थित सिद्ध योगी बाबा बालक नाथ जी दुर्गा माता मंदिर में आयोजित किए जा रहे 35वें महा शिवरात्रि महोत्सव में शिवपुराण कथा का भगत मदन गोपाल भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजन किया गया। उन्होंने साधकों को भगवान कार्तिके ताड़कासुर के वध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान कार्तिके का पालन-पोषण स्वर्गलोक में कृतिकाओं (धर्म-माता) ने किया। उन्होंने कहा कि जब कैलाश से शिवजी की सेना कार्तिके को लेने स्वर्गलोक पहुंची तो कृतिकाएं उनके वियोग में बेहोश हो गई थी। जब कार्तिके भगवान कैलाश पर्वत पहुंचे तो समस्त देवी-देवताओं ने अपने दिव्य अस्त्र उनको प्रदान किए। इसके पश्चात देवताओं की सेना राक्षस ताड़कासुर की सेना में भीष्म संग्राम हुआ। जिसमें कार्तिके ने ताड़कासुर का संहार कर पृथ्वी को पाप मुक्त किया। इस अवसर पर स्वामी रुकमेश्वर गीरी महाराज, विनोद ब्रहृाचारी, संजीव भारद्वाज, सुरेश विशिष्ट, सुशील शर्मा, आरके बांसल, अशोक शर्मा, ओमप्रकाश, सोहनलाल शर्मा, सोहन सिंह, ओम प्रकाश, शीतल, अजमेर सिंह, गुरप्रीत गोपी, सुरजीत, विश्वजीत, अशोक शर्मा, डॉ. हांडा उपस्थित रहे।