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सत्संग का अर्थ है सत्य के संग होना : साध्वी भारती

6 वर्ष पहले
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दिव्यज्योति जागृति संस्थान द्वारा सरदार नगर मे विशेष समारोह का आयोजन किया गया। साध्वी अक्षदा भारती ने कहा कि प्रभु की बाल लीलाएं मानव को प्रभु की ओर बढ़ने का संदेश देती है। पुष्प वाटिका के बारे में बताते हुए साध्वी भारती ने कहा कि यह वाटिका संत महापुरुषों सत्संग सभा की प्रतीक है। सतसंग का अर्थ सत्य के साथ, सत्य के संग हो जाना। इस संसार में ईश्वर ही वह सत्य है जिससे हमारा मिलना जरुरी है। साध्वी भारती ने कहा कि हमारे जीवन में सतसंग तब ही घटित होगा जब हम ईश्वर को जान लेंगे। उन्होंने कहा कि अहंकार को भक्त और ईश्वर बीच बाधा माना गया है जो शिष्य भक्ति के मार्ग पर प्रभु तक जाना चाहता है। उसे अहंकार का त्याग करना ही होगा। साध्वी मीनाक्षी भारती, साध्वी अर्चना भारती, साध्वी ज्योति भारती ने मधुर चौपाईयों एवं भजनों का गायन करके श्रद्धालुओं को मंत्रमुगध कर दिया। प्रभु की आरती के साथ समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर राजीव कुमार, दिनेश कुमार, सतीश गुप्ता, राकेश कुमार, प्रदीप कुमार, ललित शर्मा, लेखराज शर्मा मौजूद रहे। वहीं इस मौके पर आई हुई संगतों ने प्रवचन सुनकर अपने जीवन को निहाल किया।

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा सरदार नगर मे विशेष समारोह का आयोजन किया गया।