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क्या है ईएसआई

7 वर्ष पहले
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कारोबारी बेवजह ईएसआई को दे रहे हैं जुर्माना, ब्याज

मोहितबहल|लुधियाना mohit.behl@dbcorp.in

इंप्लाइज स्टेट इंश्योरेंस (ईएसआईसी) के अपने कॉन्ट्रिब्यूशन समय पर जमा करवाने के बावजूद शहर के कारोबारियों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के कारण ईएसआईसी डिपार्टमेंट को जुर्माना और ब्याज चुकता करना पड़ रहा है, क्योंकि एसबीआई कारोबारियों द्वारा चालानों के साथ जमा करवाए चेक को क्लियर करने में 3 दिन की बजाय 5 से 10 दिन लगा रहा है। इसके साथ एसबीआई की कई शाखाओं में तैनात अधिकारी ईएसआईसी की कॉन्ट्रिब्यूशन जमा करने के लिए अधिकृत होने के बावजूद कारोबारियों से चेक लेने में आनाकानी करते हैं। इसके अलावा कारोबारियों को ये भी तर्क देकर बैरंग लौटा दिया जाता है कि उनकी फैक्ट्री बैंक के इलाके में होने से वे उनका चालान जमा नहीं कर सकते।

और तो और ईएसआईसी के कॉन्ट्रिब्यूशन चेक द्वारा जमा करवाने के बावजूद कारोबारियों को कोई रसीद नहीं दी जाती। कारोबारियों के आगे सबसे बड़ी समस्या ये है कि वे चाह कर भी एसबीआई से अपना पीछा नहीं छुड़ा सकते, क्योंकि ईएसआईसी डिपार्टमेंट ने ईएसआई की कॉन्ट्रिब्यूशन जमा करने के लिए देश भर में केवल एसबीआई को ही ऑथराइज कर रखा है यानी एसबीआई को छोड़ कर ईएसआई की कॉन्ट्रिब्यूशन किसी और बैंक में जमा नहीं हो सकती।

डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जो ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा है वो भी सिर्फ वही लोग कर सकते हैं जिनके खाते एसबीआई में हैं।

ईएसआईसी डिपार्टमेंट जब तक सभी बैंकों को ईएसआई की पेमेंट लेने के लिए अधिकृत नहीं करता तब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा। ऑनलाइन पेमेंट में भी ईएसआईसी ने अभी तक केवल एसबीआई को ही ऑथराइज किया हुआ है। डिपार्टमेंट को जल्द से जल्द इस संबंधी कोई सख्त कदम उठाने होंगे, क्योंकि बैंक की लापरवाही की सजा कारोबारियों को भुगतनी पड़ रही है। -एडवोकेटआरके भंडारी, आरकेभंडारी एंड एसोसिएट्स।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वाले हमारे क्लाइंट्स को ये कह कर परेशान करते हैं कि आपका ऑफिस या फैक्ट्री हमारी ब्रांच के क्षेत्र में नहीं पड़ती इसलिए आप अपने एरिया में जाकर वहां की नजदीकी ब्रांच में ईएसआईसी की पेमेंट जमा करवाएं। चेक जमा करवाने पर भी कोई रसीद नहीं दी जाती जिससे क्लाइंट्स को बहुत मुसीबत झेलनी पड़ती है, क्योंकि उनके पास ईएसआई की पेमेंट का रिकॉर्ड नहीं रहता। -अभिषेककुमार, ईएसआई