- Hindi News
- डॉ. जोसेफ से हरलीन के पिता ने पूछे 58 सवाल
डॉ. जोसेफ से हरलीन के पिता ने पूछे 58 सवाल
पंजाब गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन प्रधान बने मोती
सीएमसीएचमें बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए आई सात साल की बच्ची हरलीन की मौत मामले में मंगलवार को दूसरी बार इंद्रप्रीत सिंह (हरलीन के पिता) ने डॉ. जोसेफ जॉन से क्रॉस क्वेश्चनिंग की। बकौल इंद्रप्रीत, उन्होंने डॉ. जॉन से 58 सवाल पूछे, लेकिन ज्यादातर सवालों के जवाब उन्होंने सही तरीके से नहीं दिए। अब शुक्रवार को मेडिकल पैनल के मेंबर्स इंद्रप्रीत से क्रॉस क्वेश्चनिंग करेंगे।
थैलेसीमिया से पीड़ित हरलीन का 15 अक्टूबर को सीएमसीएच में बोन मैरो ट्रांसप्लांट होना था। लेकिन11 12 अक्टूबर की 2 कीमोथैरेपी होने के बाद 13 अक्टूबर को डोनर मुकर गया। जिसके चलते शरीर में इंफेक्शन फैलने से 4 नवंबर की सुबह हरलीन की मौत हो गई। इस मामले की जांच सिविल हॉस्पिटल के सर्जन डॉ. सुरेश कौशल, पीडियाट्रिशियन डॉ. हरजीत सिंह और पैथोलॉजिस्ट डॉ. सविता पर आधारित मेडिकल पैनल कर रहा है। अब तक तीन बार सुनवाई हो चुकी है। मंगलवार को इंद्रप्रीत ने डॉ. जोसेफ जॉन से 58 सवाल पूछे।
इंद्रप्रीत ने बताया कि उन्होंने डॉ. जॉन से पूछा कि हरलीन का बोन मैरो निकालकर रिजर्व क्यों नहीं रखा? अगर डोनर मुकर गया तो सीएमसी ने दातरी पर क्या कार्रवाई की? डोनर का बोन मैरो पहले लेकर सेफ क्यों नहीं रखा? इस तरह के 58 सवालों के बावजूद डॉ. जॉन यह नहीं बता सके कि डोनर की जिम्मेदारी लेने और सवा 8 लाख रुपये लेने वाली चेन्नई की एनजीओ दातरी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इंद्रप्रीत ने बताया कि अब 12 दिसंबर को पैनल के डॉक्टर क्रॉस क्वेश्चनिंग करेंगे।
लुधियाना|पंजाब गवर्नमेंटट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन की इलेक्शन कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मंगलवार को पंजाबी भवन में स्टेट लेवल की पुरानी कमेटी को भंग कर नई कमेटी का चुनाव किया गया। पंजाब रोडवेज के 18 डिपुओं से आए 277 डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से गुरदीप सिंह मोती को प्रेसीडेंट, जगदीश सिंह चाहल जनरल सेक्रेटरी, गुरदेव सिंह रोपड़ सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, पोहला सिंह बराड़ को कैशियर चुना। प्रधानगी साथी अवतार सिंह तारी, कुलदीप सिंह, गुरदेव सिंह, अंग्रेज सिंह, प्रदीप कुमार ने की।
नई कमेटी ने रोडवेज मुलाजिमों की पिछले लंबे समय से पेंडिंग पड़ी मांगों को जल्द पूरी करने की अपील की।
मुख्य मेहमान के तौर पर पहुंचे रोजगार प्राप्ति मुहिम के मुख्य एडवा