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शिष्टाचार के बिना शिक्षित व्यक्ति भी है पशु के समान

7 वर्ष पहले
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नूरवालारोड स्थित जैन स्थानक में ओम मुनि महाराज, सौरभ मुनि महाराज विज्ञान मुनि महाराज के सान्निध्य में प्रवचन सभा का आयोजन किया गया। सौरभ मुनि महाराज ने कहा कि नैतिकता के धरातल पर ही एक आदर्श समाज की स्थापना की जा सकती है।

शिष्टाचार के बिना शिक्षित व्यक्ति भी पशु के समान होता है। जीवनशैली में नैतिकता का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज के अंदर लोग अपने नैतिक कर्तव्यों की पालना करते है, वहां प्रेम तथा स्नेह की पवित्र गंगा सदा प्रवाहित होती रहती है। सौरभ मुनि महाराज ने प्रवचन सभा आगे बढ़ाते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने नैतिक धर्म पर अडिग रहता है, उस पर जीवन में कोई भी बुराई का लांछन नहीं लगती। महाराज ने कहा कि आधुनिक युग में अनैतिकता और दुराचार का बोलबाला होने की वजह से आपसी प्रेम, भाईचारे एक दूसरे के प्रति त्याग की भावना समाप्त होती जा रही है।

सौरभ मुनि महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति दयावान, क्षमाशील तथा मानव धर्म की पालना करने वाला होता है उसे देव भी प्रणाम करते हैं। प्रवचन सभा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

नूरवाला रोड स्थित जैन स्थानक प्रवचन सभा में प्रवचन करते सौरभ मुनि विज्ञान मुनि महाराज।