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डीटीओ का स्टेनो फरार, एक दिन के रिमांड पर तीनों एजेंट
एजेंट्ससे मिलीभगत कर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाला डीटीओ ऑफिस का स्टेनो बलजिंदर सिंह फरार हो गया। वीरवार को वो दफ्तर नहीं पहुंचा तथा उसका कमरा बंद रहा। उधर, विजिलेंस को बुधवार गिरफ्तार किए तीन एजेंट्स देशराज उर्फ राज, राजीव गुप्ता और सुनील सूद का कोर्ट से एक दिन का रिमांड मिला है। एजेंट सुनील सूद को बीमारी के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
बता दें कि चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल ने एजेंट्स की मदद से सरकारी फीस से ज्यादा पैसे लेकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का गोरखधंधा पकड़ा था। विजिलेंस ने जांच की तो इसमें स्मार्ट चिप कंपनी के मुलाजिम विनोद सहगल का नाम आया जो डीटीओ ऑफिस के स्टेनो बलजिंदर सिंह से मिलकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाता था। हालांकि अभी विनोद सहगल और अधूरे डाक्यूमेंट्स आवेदक के आए बगैर मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट देने वाले तीन डाॅक्टर पीएस गुलाटी, अशोक अग्रवाल और संतोख सिंह भी विजिलेंस की गिरफ्त से बाहर हैं।
बेसमेंटमें विजिलेंस का छापा :तीन एजेंट्स की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मिले तथ्यों पर विजिलेंस की टीम ने वीरवार दोपहर मिनी सेक्रेटेरिएट के बेसमेंट में बनी कचहरी में छापा मारा। यहां एजेंट राजीव गुप्ता की सीट से ड्राइविंग लाइसेंस के गोरखधंधे से जुड़ा रिकाॅर्ड बरामद किया गया। उधर, विजिलेंस की कार्रवाई में स्टेनो बलजिंदर सिंह स्मार्ट चिप के विनोद सहगल का नाम आने के बाद डीटीओ आॅफिस में मुलाजिमों में खौफ का माहौल रहा।
एमवीआईदफ्तर भी जल्द हुआ बंद : विजिलेंसकार्रवाई के बाद दाना मंडी स्थित मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर का दफ्तर भी दोपहर 3 बजे ही बंद हो गया। मुलाजिम ताला लगाकर घर चले गए।
अंडरग्राउंडहुए एजेंट : एजेंटोंकी मिलीभगत से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के गोरखधंधे का खुलासा होने के बाद वीरवार को लर्निंग पक्के लाइसेंस सेंटर में आवेदकों की गिनती घटकर आधी रह गई। लर्निंग के जहां लगभग 300 में से 150 आवेदक भी नहीं आए वहीं पक्के में भी यही स्थिति रही।
वहीं,विजिलेंसद्वारा 3 डाॅक्टरों के अधूरे डाक्यूमेंट्स पर मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का खुलासा के बाद वीरवार को लर्निंग पक्के लाइसेंस सेंटर में बाहरी मेडिकल लेने में डीटीओ दफ्तर ने आनाकानी शुरू कर दी।
कमेंट्स से बच रहे डीटीओ
ड्राइविंगलाइसेंस बनवाने के गोरखधंधे को पकड़ने में नाकाम रहे डीटीओ अनिल गर्ग