आईपीएएमए की मांग माने केंद्र: ओपीए
ऑफसेटप्रिंटर्स एसोसिएशन (ओपीए) ने वीरवार को साउथ सिटी स्थित ऑफिस में मीटिंग कर इंडियन प्रिंटिंग पैकेजिंग एंड अलाइड मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईपीएएमए) द्वारा सरकार से नई सेकंड हैंड इम्पोर्टेड मशीनरी के इम्पोर्ट पर बैन लगाने की मांग मानने की गुहार लगाई है।
मीटिंग की अध्यक्षता करते ओपीए के जनरल सेक्रेटरी कमल चोपड़ा ने बताया कि भारत में प्रिंटिंग सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली 90 प्रतिशत मशीनरी यूरोप, अमेरिका और जापान इम्पोर्ट होती है कि सस्ती हलकी मशीन बनाने वाले चीन जैसे देशों से। भारत के मैन्युफैक्चरर्स की बनाई मशीनें तकनीक के मामले में इम्पोर्टेड से पीछे हैं। इम्पोर्टेड की लाइफ 40 से 50 साल है वहीं भारतीय 10 साल चलती हैं।
हैरानीजनक बात ये है कि आईपीएएमए का कोई भी सदस्य ऐसी हाईटेक मशीनरी बना नहीं रहा फिर भी उन्होंने पिछले हफ्ते केंद्र सरकार से प्रिंटिंग मशीनरी के इम्पोर्ट पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग कर दी है जिस पर सरकार विचार कर रही है। अगर ऐसी मांग सरकार ने गलती से भी मान ली तो इसके नतीजे भयानक होंगे। देश भर में 2.5 लाख प्रिटिंग यूनिट्स बंदी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
चोपड़ा ने ये भी बताया कि इम्पोर्टेड हाईटेक मशीनों के कारण ही भारत की प्रिंटिंग इंडस्ट्री ने करोड़ों का एक्सपोर्ट करने में कामयाबी हासिल की है। आईपीएएमए को चाहिए की इम्पोर्ट पर बैन लगाने से पहले विकसित देशों के जैसी हाईटेक मशीनें भारत में बनानी शुरू करे। आईपीएएमए के इस कदम के खिलाफ प्रिंटर्स की आल इंडियन फेडरेशन की शुक्रवार को दिल्ली में एक मीटिंग बुलाई गई है जिसमें आईपीएएमए के इस कदम के खिलाफ रणनीति बनाई जाएगी। मीटिंग में ओपीए के उपप्रधान कुशल जैन, सेक्रेटरी गगनदीप सिंह, कैशियर हंसराज चोपड़ा, एग्जीक्यूटिव मेंबर्स रमित सक्सेना, परवेश जग्गा, अनूप जैन, अमरजोत अरोड़ा, सौरभ जैन आदि मौजूद भी थे।
ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन के मेंबर साउथ सिटी स्थित ऑफिस में मीटिंग करते हुए।