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तानाशाह हैं प्रधान चरणजीत विश्वकर्मा : राजीव जैन
यूसीपीएमएकी एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) से पहले मंगलवार को जनरल सेक्रेटरी राजीव जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधान चरणजीत सिंह विश्वकर्मा पर तानाशाही का आरोप लगाया है। जैन का आरोप है कि विश्वकर्मा और उनकी टीम ने असंवैधानिक तरीके से चुनाव हारने वाले इंडस्ट्रियलिस्ट्स को अहम ओहदे पर बिठा दिया। यूसीपीएमए की मीटिंग बुधवार को 11 बजे होगी।
यूसीपीएमए के पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह कुलार के धड़े से संबंध रखने वाले राजीव जैन ने कहा है कि एक साल से भ्रष्टाचार बढ़ गया है। जैन का आरोप है कि विश्वकर्मा यूसीपीएमए के फंड का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक साल से वे सिर्फ नाम के ही जनरल सेक्रेटरी हैं। यूसीपीएमए का कोई भी फैसला उनसे बिना पूछे और उन्हें विश्वास में लिए बिना ही लिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि डायरेक्टरी में भी लाखों की हेराफेरी की गई है। जैन ने कहा कि जोगिंदर उनपर मिसबिहेव का गलत आरोप लगा रहे हैं।
^मैनेजिंग कमेटी की बैठक में मेरे साथ मिसबिहेव किया गया। जब राजीव जैन जनरल सेक्रेटरी थे, तब भी यूसीपीएमए में चेयरमैन नियुक्त किए गए थे। उस समय जैन ने कोई विरोध नहीं किया। -जोगिंदरकुमार, चेयरमैन,यूसीपीएमए
^कुछ बड़ी इंडस्ट्रीज साजिश कर रही हैं। राजीव जैन तो इन्हीं का मोहरा हैं। मैंने कोई धांधली की और फंड का दुरुपयोग किया। मैं जैन के खिलाफ मानहानि का केस करूंगा। जर्मन टूअर में कोई भी गैर मेंबर नहीं था। जैन मेंबर्स के साथ मिसबिहेव करते हैं। जैन तो काम कर रहे हैं और ही काम करने दे रहे हैं। -चरणजीतसिंह विश्वकर्मा, प्रधान,यूसीपीएमए