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सरकारी स्कूल में बच्चों को सुबह आने की परेशानी झेलनी होगी

7 वर्ष पहले
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मंगल यान लाइव शो देखने बच्चों को सुबह आना होगा स्कूल

रागिनी कौशल|लुधियाना ragini.kaushal@dbcorp.in

देश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मूलभूत सेवाओं के लिए चाहे तरसना पड़े लेकिन स्कूलों में सुबह ही उन्हें पहुंच कर मंगल यान का लाइव प्रसारण देखने के लिए आना होगा। बच्चों की परेशानियों को एक तरफ रख कर ये आदेश जारी कर दिया गया है। जिसके अनुसार बच्चों को सुबह 6:45 पर स्कूल पहुंच कर मंगल यान का प्रसारण एजुसेट पर देखना होगा।

एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से लगातार बच्चों अध्यापकों की मुश्किलों को बढ़ाया ही जा रहा है। पांच सितंबर को जहां पहले बच्चों को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव भाषण सुनाने के लिए देर तक बैठने को मजबूर किया गया। वहीं, अब मंगल यान के मंगल ग्रह में जाने के पूरे कार्यक्रम को भी देखने के लिए आना होगा। एजुसेट की सुविधा वाले एजुसेट स्कूलों में बच्चों को सुबह 6:45 से लेकर 8:45 तक दिखाने का अनोखा फरमान जारी किया गया है। शिक्षा विभाग ने अपने जारी आदेश में लिखा है कि उन्हें ह्यूमन रिसोर्स डेवल्पमेंट मंत्रालय की ओर से जारी फरमान में स्कूलों में बच्चों को ये प्रसारण दिखाने के लिए कहा गया है। जबकि इसका प्रसारण बच्चे घरों में बैठ कर भी नेशनल चैनल में भी देख सकते हैं।

मंगलवारको स्कूलों तक पहुंचा सर्कुलर: महकमेकी ओर से 22 सितंबर को ये सर्कुलर जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किया गया। जिसके बाद मंगलवार तक ये स्कूलों के पास पहुंच सका। एेसे में स्कूल मैनेजमेंट की ओर से तुरंत ही अध्यापकों बच्चों को सुबह 6:45 बजे पहुंच कर लाइव टेलीकास्ट दिखाने के लिए आदेश दिया गया। सरकारी स्कूलों में लगे एजुसेट के जरिए ये प्रसारण ज्यादा से ज्यादा बच्चों को दिखाने के लिए आदेश दिया गया है।

एजुकेशन डिपार्टमेंट के इस आदेश के बाद स्कूल के अध्यापक काफी परेशान दिखे उन्होंने कहा कि विभाग को यदि बच्चों को ये प्रसारण दिखाना ही था तो बच्चों को सुबह 10 बजे स्कूल आने के आदेश दिए जाने चाहिए थे। जिससे कि बच्चे अपने घर पर आराम से कार्यक्रम को देखते। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स के एग्जाम चल रहे हैं। एेसे में इतनी सुबह किस प्रकार बुलाया जाए। कई स्कूलों में एजुसेट भी एक ही होने के कारण ज्यादा बच्चों को बैठाने के लिए कोई सुविधा नहीं है। अध्यापक धर्मजीत सिंह ने कहा कि विभाग को चाहिए था कि ये आदेश जारी