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लड़की की मौत, तनाव, रात 11 बजे पुलिस पहरे में दफनाया
किडनैप की बजाय रेप की कोशिश की धारा लगती तो बेल होती और बच जाती पीड़िता
नाबालिग को किडनैप करने के आरोप में गए थे जेल, बेल पर आते ही लड़की को लगा दी थी आग, 5 दिन जिंदगी से जूझती रही
कार्रवाई करने की बजाय थानेदार मोहन लाल बोलता रहा इज्जत लई मिट्टी पाओ
ढंडारीइलाके की दुर्गा कॉलोनी में 6 बदमाशों द्वारा 4 दिसंबर को जिंदा जलाई गई नाबालिग लड़की की चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के मेडिकल कॉलेज में सोमवार देर रात मौत हो गई। मंगलवार को लड़की की मौत की खबर मिलते ही दुर्गा कॉलोनी के आसपास की मार्केट को बंद करवा दिया गया। लोगों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही के चलते ही नाबालिग की मौत हुई है। इस मामले में कोताही बरतने और आरोपियों का साथ देने के आरोप में पुलिस कमिश्नर प्रमोद बान ने दो अस्सिटेंट सब इंस्पेक्टरों चौकी इंचार्ज कंगनवाल दलवीर सिंह चौकी ईशर कॉलोनी इंचार्ज मोहन लाल और मुंशी बलजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी सतवीर सिंह अटवाल को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। लोगों के भारी रोष को देखते हुए रात को ही लड़की को दफना दिया गया।
25 अक्तूबर को 12वीं की स्टूडेंट का इलाके के चार लड़कों अनवर, शहजाद, नियाज(छोटू) विक्की ने अपहरण किया था। इनमें से तीन आरोपी गिरफ्तार हो गए। 17 नवंबर को जमानत मिलने के बाद बदमाश दबाव बनाने लगे कि उनके खिलाफ किडनैप करने, रेप करने की कोशिश अन्य आरोपों में दर्ज मामलों को लड़की के माता-पिता वापस ले लें। इसी के चलते ही बदमाशों ने 4 दिसंबर को सुबह करीब 10.25 बजे घर में घुस कर आग लगा दी। लड़की के मां-बाप इसी मामले को लेकर कोर्ट में पेशी भुगतने के लिए गए थे। पुलिस ने इस मामले में पहले जान लेवा हमला करने के आरोप में बब्बू, शहनाज, अनवर, नियाज, अमरजीत बिंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। नाबालिगा की मौत के बाद इन लोगों के खिलाफ हत्या करने की धारा को भी जोड़ दिया है। प्रदर्शन करने वाले कारखाना मजदूर यूनियन, टैक्सटाइल होजरी कामगार यूनियन के सदस्यों ने मांग की थी कि परिवार को कम से कम 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए और आरोपियों को फांसी की सजा मिले।
फोटो लक्की भट्टी
^मेरी बेटी इंसाफ की गुहार लगाते-लगाते मर गई। दुख है कि मैं अपनी बेटी को इंसाफ नहीं दिलवा सका। आरोपी हर तरह से हमारे परिवार को डराते धमकाते रहे। लेकिन बेखौफ होकर आरोपियों