लुधियाना। जानलेवा साबित हो रहे स्वाइन फ्लू से लड़ने को जिला प्रशासन ने एक्शन प्लान तैयार किया है। सोमवार को सेहत विभाग के अफसरों और प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों के साथ मीटिंग करके डीसी रजत अग्रवाल ने रेपिड रिस्पॉंस टीम का गठन किया। जिसके लिए सहायक कमिश्नर (शिकायत) कनु थिंद को नोडल अफसर बनाया गया है।
लुधियाना में अब तक पहुंचे स्वाइन फ्लू के सस्पेक्टेड केसों में से 12 टेस्ट पॉजीटिव चुके हैं। जबकि जालंधर के अर्जुन नगर निवासी 35 वर्षीय युवक की सीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत भी हो चुकी है। जानलेवा साबित हो रही इस बीमारी से लड़ने के लिए डीसी रजत अग्रवाल ने प्राइवेट अस्पतालों का सहयोग मांगा। सोमवार को मीटिंग के दौरान डीसी ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए रिजर्व बेड बढ़ाए जाने चाहिए। अगर बेड कम पड़ें तो, दूसरे अस्पतालों से मदद ली जा सकती है। लेकिन किसी भी हालत में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। इस पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर रेपिड रिस्पॉंस टीम का गठन किया गया है। नोडल अफसर के तौर पर सहायक कमिश्नर (शिकायत) कनु थिंद इस पर नजर रखेंगे।
डीसी ने कहा कि सिविल सर्जन इस बात का ध्यान रखें कि डिस्पेंसरी स्तर पर स्वाइन फ्लू के सस्पेक्टेड मरीजों का तुरंत इलाज शुरु किया जाए। इस संबंध में सिविल सर्जन लगातार सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों के साथ लगातार मीटिंग करें। सरकारी अस्पतालों में बनाए गए स्वाइन फ्लू वार्डों में जरूरी दवाइयां और जांच किटें मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के सस्पेक्टेड मरीजों का सैंपल ट्रेंड लैब टेक्नीशियन ही लें। सभी सरकारी प्राइवेट अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए टेमी फ्लू नामक दवाई मुफ्त दी जा रही है। मीटिंग में एडीसी नीरू कत्याल, सिविल सर्जन डॉ. रेनू के अलावा डीएमसी, सीएमसी, फोर्टिस, मोहन देई ओसवाल दीप अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल रहे।