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हर साल 44 हजार करोड़ की फसल बर्बादी महंगाई की वजह : हरसिमरत
खेतीबाड़ीसेक्टर में ही हर साल अंदाजन 44 हजार करोड़ रुपए की फसल बर्बाद होने से देश में भोजन संकट की चुनौती और बढ़ती है। फसलों की इसी खराबी को रोकने के लिए फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री महकमे ने गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) में सेमिनार के दौरान केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को यह बात कही। यह सेमिनार नेशनल प्रोडेक्टिविटी कौंसिल (एनपीसी) ने कराई। केंद्रीय मंत्री ने खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने भोजन सुरक्षा यकीनी बनाने के मुद्दे पर चर्चा के साथ ही उन्होंने पंजाब से हरित क्रांति का जिक्र करते हुए सूबे में फूड प्रोसेसिंग मुहिम तेज करने पर जोर दिया।
मनमोहनरहे फेल, मोदी होंगे कामयाब
उन्होंनेकिसानों की बकाया सब्सिडी को लेकर फिक्र जताते हुए इसके लिए केंद्र की पिछली मनमोहन सरकार के सिर ठीकरा फोड़ा। साथ ही मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनवाते हुए किसानों की बेहतरी वाले तमाम प्रोग्राम चलाने के दावे किए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बठिंडा लुधियाना में किसानों को फसलों की प्रोसेसिंग तकनीक सिखाने वाले सेंटर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रॉप प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी खोलेगा। फसलों की बर्बादी रोकने को निचले स्तर तक प्राइमरी कलैक्शन सेंटर खोलने की भी योजना है।
सियासत नहीं, सिर्फ खेती विरासत पर बात
सेमिनार के बाद प्रेस कांफ्रेंस में दिलचस्प माहौल बना। सियासी मुद्दों से जुड़े सवालों को अनुसना कर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर लगातार खेतीबाड़ी सेक्टर में अपने महकमे और मोदी सरकार की योजनाओं का ही जिक्र करती रहीं। मसलन, कल वह अहमदाबाद जाने के दौरान पंजाब में डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने के मकसद से अमूल प्लांट का दौरा करेंगी। उन्होंने फाजिल्का में एक मेगा फूड पार्क खोलने की बात कहते हुए जल्द ही लुधियाना में भी ऐसा पार्क बनाने की बात कही। इस मौके पर एनपीसी के डायरेक्टर हरभजन सिंह, पीएयू के वाइस चांसलर डॉ.बलदेव सिंह ढिल्लों, गुरू अंगददेव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ.वीके तनेजा की खास मौजूदगी रही।
केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री मिनिस्टर हरसिमरत कौर कार्यक्रम का उद् घाटन करती हुई।