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जीवात्मा उस प्रभु का अंश: गरिमा भारती

6 वर्ष पहले
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दिव्यज्योति जागृति संस्थान द्वारा टिब्बा रोड पर सत्संग का आयोजन किया गया। साध्वी गरिमा भारती ने कहा कि जब जीवात्मा इस संसार में अपना सफर तय करने के लिए आती है तो वह उस प्रभु से शुद्ध और पवित्र रूप लेकर आती है। इसका भाव समझाते हुए उन्होंने कहा कि जीवात्मा उस प्रभु का ही अंश है। परंतु इस संसार की मोहमाया में फंसकर जीव का जीवन मलीन हो गया। उन्होंने बताया कि जैसे बादलों में आकार प्राप्त करने वाली निर्मल बूंद धरती पर गिरकर मिट्टी में मिलने के बाद अपना निर्मल रूप खो देती है। इसी प्रकार जब जीव आत्मा इस संसार में आती है तब मोह, वासना, तृष्णा आदि झूठे बंधनों में फंसकर अपना पवित्र रूप खो देती है। उन्होंने कहा कि हमें अपने लक्ष्य से मिलने के लिए एक गुरू की जरूरत है। गुरू की शक्ति ही हमारे मन के अंधकार को खत्म कर उसमें असीम रोशनी का भंडार स्थापित करती है। इसलिए अगर हमने सच्ची पवित्रता को प्राप्त करना है तो हमें गुरू की शरण को प्राप्त करना होगा। इस दौरान साध्वी शरणां भारती, साध्वी शैलजा भारती ने मधुर भजनों का गायन किया। इस अवसर पर स्वामी प्रकाशानंद, हरपाल सिंह, मेघराज सिंह, गुरचरण सिंह, जतिंदर शर्मा, बलविंदर सिंह, मनजिंदर सिंह, सुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।

{दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से टिब्बा रोड पर सत्संग का आयोजन किया

टिब्बा रोड पर आयोजित सत्संग में भजनों का गायन करती संस्थान साध्वियां।