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संत महापुरुषों का अनुसरण करने से होता है सदगुणों का विकास: भारती
श्रीराम लीला मैदान दरेसी में भारती सेवा संघ की तरफ से 38वें विराट धर्म सम्मेलन के अंतर्गत पावन शिवपुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती महाराज ने प्रवचन करते हुए बताया कि भगवान शिव ही इस सृष्टि के रचयिता हैं और वही सृष्टि के संहारक भी। उन्होंने कहा कि उस परम पिता परमेश्वर का ध्यान करने से, नाम जपने से इंसान के बड़े से बड़े कष्ट टल जाते हैं। उन्होंने कहा कि जहां भजन होता है, वहां का वातावरण पवित्र हो जाता है। ऐसी पावन भूमि के स्पर्श मात्र से मनुष्य का मन निश्चल हो जाता है और सहजता से ही उसकी दुष्ट-वृत्तियां नष्ट हो जाती है। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि जाे इंसान गुरू और भगवान की परीक्षा लेने की चेष्टा करता है। वह इंसान कभी सुख, शांति नहीं प्राप्त कर सकता है।
इंसान को नेक कार्य करने के लिए कभी भी इंतजार नहीं करना चाहिए। क्योंकि गुजरा हुआ समय कभी वापस नहीं आता। उन्होंने कहा कि इंसान को प्रत्येक कर्म उस परमात्मा को अर्पित करते हुए करना चाहिए। ताकि वह गलती से भी कोई गलत कार्य कर सके। संत महापुरुषों का अनुसरण करने से इंसान की मन, वाणी, बुद्धि निर्मल होती है। मनुष्य के अंदर दोषों का विनाश होता है और सदगुणों का विकास होता है। शिव पुराण कथा के इस अवसर पर विश्व भारती, गुरुप्रिया भारती, अमिता भारती, चैतन्य भारती, मुक्ता भारती, सुकीर्ति भारती, सुमेधा भारती, बहन पुष्पा, रेखा, आंचल उपस्थित रहे।
श्री राम लीला मैदान दरेसी में आयोिजत शिव पुराण कथा में उपस्थित श्रद्धालु।
ऋषि नगर स्थित सिद्ध योगी बाबा बालक नाथ दुर्गा माता मंदिर में आयोजित किए जा रहे 35वें महा शिवरात्रि महोत्सव में शिवपुराण कथा का भगत मदन गोपाल भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजन किया जा रहा है। भगत जी साधकों को शक्ति सती की उत्पत्ति शिव विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि ब्रह्मजी की प्रेरणा से दक्ष प्रजापति ने शक्ति की घोर तपस्या की। जिससे प्रसन्न हो आदिशक्ति ने देवी सती के रुप में दक्ष प्रजापति के घर पर जन्म लिया। उन्होंने बताया कि यह सारा संसार आदि शक्ति के बल से ही चल रहा है। उन्होंने बताया कि आदि शक्ति के स्मरण मात्र से ही इंसान के सभी पापाें का नाश होता है। उन्होंने बताया कि शिव विवाह के समय देवता, ऋषि-मुनि, गंधर्व, सभी इस पावन घड़ी पर पुण्य प्राप्त करने के लिए विशेष तौर पर सम्मिलित होने पहुंचे थे। भगवान भोलेनाथ की विशाल बारात को देखकर तो एक बार दक्ष प्रजापति भी चकित रहे गए। उन्होंने कहा शिव की मन से स्तुति करने पर इंसान के सभी जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस अवसर पर स्वामी रुकमेश्वर गीरी महाराज, विनोद ब्रहृाचारी, संजीव भारद्वाज, सुरेश विशिष्ट, सुशील शर्मा, आरके बांसल, अशोक शर्मा, ओमप्रकाश, सोहनलाल शर्मा, सोहन सिंह, ओम प्रकाश, शीतल, अजमेर सिंह, गुरप्रीत गोप्पी, सुरजीत, विश्वजीत, अशोक शर्मा, डॉक्टर हांडा उपस्थित रहे।