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महानगर का सबसे प्राचीन है दरेसी का दशहरा मेला
महानगरके सबसे प्राचीन दशहरा मेले का अपना ही आकर्षण है। श्री राम लीला कमेटी की ओर से श्री राम लीला मैदान दरेसी में लगाए जाने वाले मेले में हर वर्ष भारी तादाद में लोग पहुंचते है। प्रबंधक कमेटी के संरक्षक प्रेम पराशर केवल कृष्ण मरवाहा बताते हैं कि यहां लगने वाला दशहरा मेला करीब 200 साल से लग रहा है। मेले में 10 दिन कुहार भगवान राम का सिंहासन अपने कंधों पर उठाकर ठाकुरद्वारा से श्रीराम लीला मैदान तक लेकर जाते हैं।
मेलेकी विशेषता : श्रीरीराम लीला कमेटी के प्रधान कमल बस्सी महामंत्री संजीव कुंद्रा ने बताया कि मेले के दौरान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम चंद्र महाराज की रोजाना सिंहासन यात्रा प्राचीन ठाकुरद्वारा नौहरियां से निकाली जाती है।
समाजसेवी कार्यों में भी अग्रणी है संस्था : श्रीराम लीला कमेटी की ओर से समाज सेवा के क्षेत्र में कई प्रकार के कार्य किए जा रहे है कमेटी की ओर से भगवान राम कंप्यूटर सेंटर, श्री संकटमोचन बाला जी मंदिर दरेसी, सीता माता मंदिर एवं धर्मशाला का सुचारु रूप से संचालन किया जा रहा है। झूलों की व्यवस्था मोहम्मद नसीम अशोक कुमार देख रहे हैं।
कमेटीकेकोषाध्यक्ष यशपाल पराशर सलाहकार सुखराम महाजन ने बताया कि दरेसी मैदान में लगने वाले दशहरे मेले में रावण का करीब 85 फुट ऊंचा पुतला भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। रावण के पुतले का दहन 3 अक्तूबर को सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, विधायक राकेश पांडे मौजूद रहंेगे।
यश्पाल पराशर
सुखराम महाजन
दशहरे मेले में रावण का करीब 85 फुट का पुतला भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा।
प्रेम पराशर
कमल बस्सी
केवल किशन
संजीव कुंद्रा