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एडीसी मुलाजिमों से करते रहे मीटिंग, लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी

7 वर्ष पहले
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लुधियाना. फॉर्मों के स्टॉक रजिस्टर गुम होने आरोप में सुविधा सेंटर मुलाजिम अमिता गुगलानी को ड्यूटी से टर्मिनेट करने पर भड़के मुलाजिमों ने कामकाज ठप कर दिया। फिर वो एडीसी डेवलपमेंट सुप्रीत गुलाटी से मिलने चले गए। वहां एडीसी ड्यूटी टाइम में मुलाजिमों को काम करने के लिए कहने की जगह बंद कमरे में एक घंटे तक मुलाजिमों की बातें सुनते रहे और दूसरी तरफ सुविधा में मैरिज रजिस्ट्रेशन और दूसरे कामों के लिए आए लोग इंतजार करते रहे। हद तो यह कि एक घंटे मुलाजिमों से बातचीत के बाद एडीसी ने उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि उनके वश में कुछ नहीं, वो डीसी से बात करेंगे। मगर, इस दौरान परेशान हुई पब्लिक की किसी ने सुध नहीं ली। डीसी के डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में व्यस्त होने की वजह से मुलाजिमों और अफसरों की कारगुजारी से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

कुछ महीने पहले सुविधा सेंटर का स्टॉक रजिस्टर गुम हो गया था। फाइनेंशियल ईयर 2014-15 वाले इस रजिस्टर में पांच महीने में खरीदे, आए, इश्यू हुए फार्मों, स्टेशनरी और अन्य सामान की जानकारी थी। इनकी कीमत लाखों में बनती है। इसकी जिम्मेदारी अमिता गुगलानी की थी। जांच में जिम्मेदार पाए जाने पर डीसी के आदेश से अमिता को शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे टर्मिनेट करने का पता चला तो मुलाजिमों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। हैरत की बात यह कि लंच टाइम या ड्यूटी टाइम ऑफ होने के बजाय मुलाजिम काम के वक्त ही एडीसी से मिलने गए, उस वक्त पब्लिक कामकाज करवाने बैठी थी।
- मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए सुबह से बैठे हैं। पहले कहा कि सर्वर नहीं चल रहा। फिर स्लो बताया। अब 4 बज चुके हैं लेकिन मुलाजिम गायब हैं। इनकी डीलिंग भी ठीक नहीं। बड़ी प्रॉब्लम है यहां। - सुरिंदरसिंह, सलेमटाबरी

- फरीदाबाद से फैमिली के साथ मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए यहां आए हैं। दोपहर में यहां पहुंचे तो लंच टाइम के बाद 3 बजते ही मुलाजिम अचानक उठकर चले गए। किसी ने कुछ बताया भी नहीं। अब पता नहीं कब आएंगे और कब फोटो होगी। अफसरों को भी समझना चाहिए कि पब्लिक डीलिंग के वक्त का ख्याल करें। - गीताबत्रा, फरीदाबाद

- सुबह से इंतजार कर रहे हैं। पता नहीं मुलाजिमों को ऐसा क्या हुआ कि शुरू से ही काम ठीक नहीं हो रहा। उम्मीद थी कि लंच टाइम के बाद नंबर जाएगा लेकिन अब मुलाजिम ही नहीं हैं। पता नहीं कब हमारा काम होगा। - अशोकखन्ना, रिटायर बैंक मैनेजर

- साथी मुलाजिम की नौकरी जाने का पता चलने पर सब एडीसी से मिलने गए थे लेकिन वापस आने पर सबका काम करवाया गया। - जरनैलसिंह, एडमिनिस्ट्रेटर,सुविधा सेंटर