लुधियाना/खन्ना। महीने के दूसरे शनिवार 14 फरवरी को पहले से ही अदालती अवकाश तय होने के बावजूद इस बार नेशनल लोक अदालतें लगेंगी। जिसके विरोध में शनिवार सात फरवरी को वकीलों ने हड़ताल रखी। हजारों वकीलों द्वारा अपने मुवक्किलों के साथ अदालतों में पेश न होने से लुधियाना और खन्ना में हजारों मामलों की सुनवाई जजों ने टालते हुए अगली तारीखें लगा दीं। लोक अदालतों की तारीख न टलने की सूरत में सोमवार को वकील क्या कदम उठाएंगे, फिलहाल बार एसोसिएशन ने अभी यह तय नहीं किया।
काबिलेजिक्र है कि इस बार नेशनल लोक अदालत में बैंकों से संबंधित मामलों का निपटारा होना है जिसमें बैंक अफसरों के साथ वकीलों की मौजूदगी भी जरूरी होगी। लिहाजा वकीलों ने तय अवकाश वाले दिन अदालती कामकाज करने की इस मजबूरी के विरोध में संकेतिक हड़ताल की। लुधियाना बार एसोसिएशन के प्रधान विजय बी. वर्मा की कॉल पर शनिवार को 1500 से ज्यादा वकीलों ने एकजुट होकर अदालती कामकाज का बहिष्कार किया। यहां काबिलेजिक्र है कि लुधियाना में कुल 47 अदालतों में सुनवाई के लिए चार हजार से ज्यादा मामले विचाराधीन थे। वकीलों के पेश न होने पर लगभग 12 बजे तक सभी जजों ने मामलों की सुनवाई अगली तारीख पर करने के आदेश जारी कर दिए।
ऐसे में जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में दावेदारी जता चुके वकीलों ने हड़ताल का फायदा उठाते हुए चैंबरों में जाकर वकीलों से संपर्क कर अपनी प्रचार मुहिम चलाई। उधर, खन्ना के वकील भी शनिवार को हड़ताल पर रहे। खन्ना की तीनों अदालतों में कामकाज नहीं हुआ।
करीब 250 वकील इस दौरान हड़ताल पर थे। लिहाजा अदालतों में लगे जिन 136 केसों की आज सुनवाई होने थी, नहीं हो सकी। नतीजतन जिन मुवक्किलों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी, उनको वकीलों के चैंबरों और अदालतों के दरवाजे से मायूस लौटना पड़ा।
खन्ना कचहरी में शनिवार को ज्यादातर वकीलों के चैंबर बंद रहे। बार रूम और तीनों अदालतों के बाहर सन्नाटा था। कुछ वकील अपने चैंबरों के बाहर धूप का मजा लेते दिखाई दिए। खन्ना में कुल तीन अदालतें लगती हैं।