बठिंडा. पश्चिम बंगाल के बाद फरीदकोट पुलिस अब लापता एटीएम लोडर मनोज कपूर केस की जांच के लिए तरनतारन पहुंची। तरनतारन में चार दिन पहले एटीएम का पासवर्ड लगाकर 26 लाख रुपए निकालने के मामले में गिरफ्तार बलजिंद्र से पूछताछ की। बलजिंद्र भी उसी सिस कंपनी के लिए एटीएम में पैसे लोड करने का काम करता था। जिसके लिए मनोज कपूर। पुलिस को शक है, फरीदकोट और कोटकपूरा से मई में पासवर्ड लगाकर चोरी किए गए 19 लाख रुपए का मामला तरनतारन मामले से जुड़ा हो सकता है।
बलजिंदर के फरार साथी की तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी से भी मनोज का कोई सुराग लगने की उम्मीद है। 14 सितंबर को तरनतारन में कई एटीएम मशीनों से 26 लाख रुपए चोरी कर लिए गए। जांच करने पर पता चला, इन मशीनों से रुपये पासवर्ड लगाकर निकाले गए हैं। तरनतारन सीआईए स्टाफ ने संबंधित एटीएम मशीनों के एटीएम लोडर बलजिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया जबकि दूसरा साथी अभी फरार है।
फरीदकोट और तरनतारन केस में क्या हैं समानता
- मनोज कपूर 25 मई की सुबह 11.15 बजे लापता हुआ। उसी दिन शाम को 6.30 बजे तक फरीदकोट और कोटकपूरा के तीन एटीएम से 19 लाख रुपये चोरी कर लिए गए।
- मनोज कपूर भी उसी सिस कंपनी के लिए काम करता था, जिस कंपनी के एटीएम लोडर ने तरनतारन में पासवर्ड लगाकर एटीएम से 26 लाख रुपये निकाल लिए।
- दोनों ही केसों में एटीएम को बाकायदा पासवर्ड लगाकर लूटा गया, जो पासवर्ड मुलाजिमों को एटीएम लोड करने के लिए दिया जाता है।