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डाउनलोड करेंअंबाला. श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में सीजेएम एके जैन की अदालत ने सोमवार को बाबा प्यारा सिंह भनियारावाला समेत आठ लोगों को तीन-तीन साल कैद और 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अन्य दोषियों में सुरमख, भूपेंद्र, जसविंद्र, हरजीत, राजिन्द्र, अशोक व सुरजीत शामिल हैं। धार्मिक मामले से जुड़े केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट में तनाव का माहौल रहा।
बाबा समर्थकों और सिख संगठनों में टकराव से निपटने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। सजा के बावजूद कोर्ट ने दोषियों को 40-40 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी है। बाबा को किसी कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट से ले जाया गया। अभियोजन पक्ष ने सजा पर असंतोष जताते हुए सेशन कोर्ट में जाने की बात कही है। वहीं बचाव पक्ष के वकील जसपाल सिंह ने कहा कि वे फैसले का स्वागत करते हैं।
कोर्ट में नारेबाजी, हाथापाई का प्रयास : सजा का फैसला सामने आते ही कोर्ट परिसर में बाबा के खिलाफ और भारतीय न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। शिरोमणि अकाली दल के पदाधिकारियों ने खालिस्तान जिंदाबाद और भिंडरावाला जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने हाथापाई की भी कोशिश की।
ये है मामला
17 सितंबर 2001 को पंजाब के मोरिंडा जिले के रतनगढ़ गांव के गुरुद्वारे में कुछ लोगों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की थी। इस संबंध में सरपंच मेजर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बाबा प्यारा सिंह भनियारावाला और उनके डेरे के अनुयायियों को आरोपी बताया था। पंजाब पुलिस ने प्यारा सिंह सहित सहित 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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