लुधियाना. मोती नगर एलीमेंट्री स्कूल के 200 बच्चों की क्लास हर रोज सड़क किनारे लगती है। कारण पांच महीने पहले पीडब्ल्यूडी की ओर से स्कूल की बिल्डिंग काे अनसेफ घोषित करना है। बारिश होने पर बच्चों को आसपास के घरों या कुछ को पार्क में बने शैड में भागना पड़ता है।
अच्छे दिन आने की उम्मीद में ही पांचवीं क्लास का रोहित और चौथी क्लास का रामनाथ करीब दो किलोमीटर दूर यहां पढ़ने तो आता है लेकिन इनके साथ और बच्चों को यहां मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।
कुछ दिनों तक गुरुद्वारे में लगती थी क्लास
स्कूल टीचर नाम न बताने की शर्त पर बताती हैं, कुछ दिनों तक बच्चों की पढ़ाई पास के गुरुद्वारे में की जा रही थी। लेकिन कोई आयोजन होने पर भीड़भाड़ होने पर बच्चों को पढ़ाई में थोड़ी दिक्कत होती थी। बाद में पार्क में शेड के नीचे बैठना शुरू किया तो यहां भी लोगों का अाना-जाना लगा रहता था।
एेसे में टीचर्स ने पास की सड़क के किनारे क्लास लगाना ज्यादा बेहतर समझा। बच्चाें के लिए यहां मिड-डे मील बनाने के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ती है। पास के घरों से पानी लाकर यहां मिड-डे मील बनाना पड़ता है। यही नहीं बच्चों और स्कूल टीचर्स को पानी भी मांगकर पीना पड़ता है।
41 साल से यहां चल रहा है स्कूल
1973 से यहां स्कूल चल रहा है। आसपास 4 किमी एरिए में यह इकलौता स्कूल है। लेकिन, मई की छुट्टियों से पहले हुए सर्वे में इसे अनसेफ तो घोषित कर दिया गया, लेकिन बच्चे पड़ेंगे कहां, इस बात से किसी को कुछ लेनादेना नहीं। शिक्षा विभाग को भी कई बार इसके बारे में जानकारी दी जा चुकी है। अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर हालात का जायजा भी लिया, लेकिन अभी तक बच्चे अच्छे दिन आने के इंतजार में सड़क के किनारे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
"यह स्कूल कॉरपोरेशन के अंतर्गत आता है और इसकी बिल्डिंग गलाडा की जगह पर बनी है। इस संबंध में हमारी मीटिंग हो चुकी है। गलाडा से इस संबंध में जल्द फैसला लेने को कहा गया है। काम पूरा होते ही बच्चों को क्लास रूम मिल जाएंगे। आसपास 4 किलोमीटर तक कोई और स्कूल भी नहीं है, जहां फिलहाल बच्चों के पढ़ाई की व्यवस्था करवाई जा सके।’
- गुरजोत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री)
बच्चों के लिए मिड-डे मील बनाने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है।