लुधियाना. लुधियाना सिटी बस सर्विस लिमिटेड (एलसीबीएसएल) की ओर से अब शहर में तीन क्लस्टर बनाकर 10 रूट पर 105 सिटी बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए नया टेंडर लगा दिया गया है। इस टेंडर को लेकर प्री-बिड मीटिंग 23 सितंबर को रखी गई है। अगर यह बिड हुई तो तीन महीने में सिटी बस चल सकती है।
कंपनियां या ट्रांसपोर्टर सात अक्टूबर तक बिड डाल सकेंगे। इस बार ये टेंडर ग्रॉस कॉस्ट कांट्रेक्ट (जीसीसी) की बजाय नेट कॉस्ट कांट्रेक्ट (एनसीसी) के लिहाज से लगाया गया है। इसमें एलसीबीएसएल अब टेंडर हासिल करने वाले कंपनियों को फंड नहीं देगा, बल्कि कांट्रेक्ट लेने कंपनी से हर महीने प्रति बस के हिसाब से आमदन वसूल करेगा।
इस बार टेंडर में छोटे ट्रांसपोर्टर भी ले पाएंगे हिस्सा
पिछली बार लगाए टेंडर में हिस्सा लेने के लिए 200 बसें चलाने का अनुभव और 50 करोड़ सालाना टर्नओवर की शर्त रखी थी। यही कारण है कि इस टेंडर की शर्त पूरी करने वाली बड़ी कंपनियां जुटानी मुश्किल हो गई और छोटे ट्रांसपोर्टर इससे बाहर हो गए। लेकिन इस बार तीन रूट के दो और चार रूट का एक क्लस्टर रहेगा। छोटे ट्रांसपोर्टर भी हिस्सा ले सकें, इसके लिए उनके पास 50 बसें चलाने का अनुभव और सालाना तीन करोड़ की टर्नओवर होने की शर्त रखी गई है। इसमें कोई एक ट्रांसपोर्टर एक क्लस्टर के लिए आगे तीन लोगों से हिस्सेदारी भी कर सकेगा। टेंडर उसी कंपनी को मिलेगा, जो हर महीने प्रति बस एलसीबीएसएल को सबसे अधिक भुगतान का रेट कोड करेगी।
जीसीसी कांट्रेक्ट में हर महीने हो रहा था 60 लाख का घाटा
ग्रॉस कॉस्ट कांट्रेक्ट में एलसीबीएसएल को हर महीने से 55 से 60 लाख महीने का खर्च उठाना पड़ रहा था। इस कांट्रेक्ट में बसें चलाने वाली कंपनी की आेर से डीजल, ड्राइवर, वेतन और मेंटेनेंस का खर्च खुद उठाती थी। इसके एवज में एलसीबीएसएल से 19 रुपए से लेकर 30 रुपए प्रति किलोमीटर तक चार्ज करती थी। इस लिहाज से जहां एलसीबीएसएल को जहां सवारियों से हर महीने करीब 65 लाख रुपए की आमदन थी, वहीं कंपनी काे देने वाला भुगतान 1.10 करोड़ के आसपास बैठ रहा था। अभी भी प्रसन्ना पर्पल कंपनी को निगम ने करीब 3.50 करोड़ रुपए का भुगतान करना है। इसी कारण पुराना करार अभी तक रद्द नहीं हो पाया है। .
एनसीसी मॉडल नौ महीने पहले हो चुका है फेल
करीब नौ महीने पहले लुधियाना सिटी बस सर्विस लिमिटेड (एलसीबीएसएल) की ओर से प्रसन्ना पर्पल कंपनी से जीसीसी मॉडल पर किए गए कांट्रेक्ट से पहले चार बार एनसीसी मॉडल पर टेंडर लगाया गया था, लेकिन तब किसी कंपनी ने इस टेंडर में हिस्सा नहीं लिया था।
20 जुलाई से बंद है सर्विस
शहर में 20 जुलाई से सिटी बसें बंद हैं। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है। एलसीबीएसएल ने इससे पहले सिटी बस चलाने के लिए प्रसन्ना पर्पल मोबिलिटी सर्विसिस के साथ कांट्रेक्ट किया था, लेकिन इस कांट्रेक्ट पर कई तरह के सवाल उठने के बाद कंपनी ने बसें चलाने से हाथ खींच लिए थे।