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फर्जी एनकाउंटर: सुपारी लेकर किया गया दोनों भाइयों का मर्डर

7 वर्ष पहले
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(सांकेतिक फोटो)
लुधियाना. जमालपुर इलाके में पुलिस के फर्जी एनकाउंटर में बोहपुर के सगे भाइयों हरिंदर सिंह लाली व जतिंदर सिंह गोल्डी को ढेर करने के मामले में अहम खुलासा हुआ है। मारे गए युवकों के पिता सतपाल सिंह के कलमबंद बयान के मुताबिक, उनके बेटों का कत्ल कराने के लिए तीन लोगों ने इस मामले के आरोपी पूर्व सरपंच गुरजीत सिंह सैम को सुपारी दी थी। सतपाल ने इस मामले की जांच के लिए बनी स्पेशल इंनेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) के सामने दर्ज कराए बयान में यह बात कही। सतपाल ने कहा, सुपारी देने वाले तीनों लोगों को भी इस मामले में आरोपी बनाया जाए। जिन्हें पुलिस ने अभी तक नामजद नहीं किया है।

इधर, आईजी ईश्वर सिंह ने कहा, पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट तैयार कर डीजीपी को सौंपी जाएगी। नए पहलू भी मामले की जांच से जुड़े हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। वहीं पुिलस कमिश्नर प्रमाेद बान ने कहा, सतपाल ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। मामले की जांच बड़े अफसर कर रहे हैं। उसके बयान एसआईटी से जुड़े बड़े अफसरों ने ही लिए हैं।
कोठी की मालकिन ने घर से हटाया अपना सामान
वीरवार को आहलुवालिया काॅलोनी में उस कोठी की मालकिन सिमरन उर्फ हरप्रीत ने अपना सामान उठा लिया। बता दें कि इसी कोठी में फर्जी एनकाउंटर हुआ था। सतपाल का आरोप है कि अभी तक किसी भी जांच कमेटी ने रिपोर्ट पेश नहीं की। ऐसे में कोठी में रखा उनके दोनों बेटों का सामान भी सिमरन ने खुर्द-बुर्द कर दिया होगा। पुलिस को उनके परिवार की मौजूदगी में सामान उठवाना चाहिए था। इस मामले में पुलिस के बड़े अफसरों से शिकायत करेंगे। जबकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में सिमरन ने अपना सामान उठाया।
बयान में इन लोगाें पर जताया है शक
दर्ज बयान के मुताबिक, सन 2010 में भी सतपाल के पड़ोसी बिलगा परिवार ने उनके घर में घुसकर मारपीट की थी। फिर रसूख के चलते थाना समराला में सतपाल, उनकी पत्नी व दोनों बेटों के खिलाफ धारा 452 में झूठा मामला दर्ज करा सबको जेल भिजवा दिया था। चारों डेढ़ महीने तक जेल में रहे। आरोपियों ने फिर सतपाल के बेटे हरिंदर को दोराहा में पीटा। घर वापस आने के दो दिन बाद फिर तोड़फोड़ की। आरोपियों ने फिर एक और झूठा मामला दर्ज कराया। इसमें सतपाल को 39 दिन तक जेल में रहना पड़ा। 28 नवंबर, 2012 को गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह फत्तू ने सतपाल के दोनों बेटों के खिलाफ गुरुघर की बेइज्जती का झूठा मामला केस दर्ज करवाकर जेल भिजवा दिया। सतपाल के मुताबिक, फत्तू ने बाद में पूर्व सरपंच गुरजीत सिंह सैम व जॉर्जी की मदद से 7 जुलाई, 2014 को अपनी बेटी से छेड़छाड़ के आरोप में उनके बेटे पर केस कराया।
फिर 21 अगस्त, 2014 को गांव तखरां में छिंज मेले के दौरान रात को हरमनपिंदर जीत सिंह की लड़ाई हुई। इसमें सतपाल के बेटे नहीं थे। लेकिन, पूर्व सरपंच सैम, उसके भाई गुरमीत सिंह पीटर व जॉर्जी ने मिलीभगत कर हरमनपिदंर पर जानलेवा हमले का झूठा मामला सतपाल के दोनों बेटों पर दर्ज करा दिया। बाद में पीटर व जॉर्जी ने हरमनपिंदर के पिता मनजिंदर सिंह के साथ मिलकर पूर्व सरपंच सैम को सतपाल के दोनों बेटों का मर्डर करने के लिए सुपारी दी।