लुधियाना. शहर की डेवलपमेंट को लेकर नगर कौंसलर की सीरियस नहीं हैं। बुधवार को निगम बी जोन की तरफ से बुलाई गई बैठक में 18 एमसी को अलग-अलग कामों का रिव्यू करने के लिए बुलाया गया था। इस बैठक में सिर्फ छह एमसी ही पहुंचे। इसमें महिला कौंसलर भी शामिल थीं। लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर के अलावा बाकी सभी महिला कौंसलरों ने अपने रिश्तेदारों को बैठक में भेजा। इससे साफ अंदाजा लगा सकते हंै कि यहां के कौंसलर डेवलपमेंट कामों के लिए कितने सीरियस हंै। हालांकि निगम अफसरों ने बैठक में पहुंच कौंसलर को लेकर किसी तरह बैठक को पूरा कर लीपापोती कर दी।
जोनल कमिश्नर जोन बी की तरफ से पांच दिसंबर को जोन के अंतर्गत आते 18 कौंसलरों को लेटर भेजा था। इसमें साफ कहा गया था कि अलग-अलग डेवलपमेंट कामों का रिव्यू करने के लिए दस दिसंबर को बैठक होने जा रही है। इस बैठक को दो हिस्सों में रखा गया था। सुबह दस बजे की बैठक में 10 वॉर्डों के कौंसलरों को बुलाया गया था। जबकि बाद दोपहर दो बजे रखी गई मीटिंग में आठ कौंसलरों को बुलाया गया था। मीटिंग में कौंसलर की शिकायत को मौके पर दूर करने के लिए सीवरेज बोर्ड, एक्सईएन बीएंडआर, एक्सईएन ओएंडएम, एक्सईएन लाइट, एक्सईएन बागवानी, एटीपी, नोडल अफसर हेल्थ और सुपरिंटेंडेंट तहबाजारी/ हाउस टैक्स को बुलाया गया था।
बाद दोपहर शुरू हुई मीटिंग में वॉर्ड नंबर 6 की कौंसलर अवतार कौर के पति हरजिंदर लाली ने बात रखते कहा कि उनके वॉर्ड में चल रहा काम ठेकेदार बीच में छोड़कर चला गया है। इसके जवाब में निगम अफसर ने कहा पेमेंट का चलते काम रुका है। इस हरजिंदर सिंह लाली ने साफ कहा कि अगर जे पैसा नहीं है, तो फेर कोई शिकायत वी नहीं है। इसके बाद सभी ने अपने अपने वार्ड की समस्याओं को जोनल कमिश्नर के सामने रखा।
- अपनी जगह रिश्तेदार भेजने के मामले में कौंसलर ज्यादा बेहतर बता सकते हंै। बाकी यह तो बाल की खाल खींचने वाली बात है। आप इस बारे में जोनल कमिश्नर से बात करें तो ज्यादा बेहतर रहेगा। -प्रदीप अग्रवाल, कमिश्नर, नगर निगम
- निगम हाउस बैठक में कौंसलर का रिश्तेदार या नुमाइंदा नहीं बैठ सकता है । लेकिन इस तरह की रिव्यू बैठक में वह हिस्सा ले सकते है। इसमें कोई एतराज नहीं होता है। -कमलेश बांसल, कमिश्नर, जोन बी