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डीसी ने ठेकेदार को दिया ठेका रद्द करने का नोटिस, रेट लिस्ट भी लगाई

8 वर्ष पहले
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लुधियाना. मिनी सेक्रेटेरिएट के परिसर में डीएल फॉर्म के ओवरचार्जस की शिकायत करने पर कारोबारी व उसके बेटों की पिटाई के मामले में आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठा ही लिए। दैनिक भास्कर की ओर से इस मामले को प्रमुखता से उठाने के चलते शुक्रवार को डीसी रजत अग्रवाल ने अहम कार्रवाई की। उन्होंने फॉर्म ठेकेदार को ठेका रद्द करने का नोटिस तो भेजा ही साथ ही सुविधा सेंटर के बाहर बने फॉर्म काउंटर व ठेकेदार की सीट नंबर 22 पर भी नोटिस चस्पा कर ठेकेदार को अपना पक्ष लिखित रुपए से 27 जनवरी शाम 4 बजे तक रखने का समय दिया गया है। इसके अलावा मिनी सेक्रेटेरिएट में करीब 100 जगह फॉर्म की सरकारी रेट लिस्ट भी लगाई गई है।

नोटिस में चार प्वाइंट उठाते हुए डीसी ने पूछा कि एग्रीमेंट के मुताबिक हर महीने की 10 तारीख से पहले ठेके की रकम सरकारी खजाने में जमा करवानी थी पर ऐसा नहीं हुआ। यहां तक की जनवरी की किस्त भी अभी तक जमा नहीं हुई। शर्तों के मुताबिक ठेका सबलेट नहीं किया जा सकता और न ही काउंटर पर काम करने वाले किसी कर्मचारी की सूचना संबंधित ऑफिस को दी गई। बेचे जा रहे फॉर्म की छपाई व पन्नों के संबंध में मंजूरी संबंधित अधिकारी से नहीं ली गई।

लिस्ट फाड़ी तो होगी पुलिस कार्रवाई

फॉर्म के तय सरकारी रेट दर्शाते पोस्टर की करीब 100 कापियां डीसी ने सुविधा सेंटर सहित पूरे परिसर में लगवा दी। साथ ही परिसर में तैनात चौकीदार को इसकी निगरानी करने का आदेश जारी करते हुए कह दिया कि अगर कोई इन पोस्टर को फाडऩे का प्रयास करता है तो इसी सूचना कोर्ट परिसर में बनी पुलिस चौकी को दी जाए। सरकारी रेट लिस्ट फाडऩे वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेहड़ी वाले बोले हमसे तो ठेकेदार रोज लेता है 300 रुपए

बचत भवन के बाहर लगी अवैध रेहडिय़ों पर डीसी रजत अग्रवाल के आदेश पर अधिकारियों ने कार्रवाई की तो खुलासा हुआ कि कैंटीन व पार्किंग ठेकेदार उनसे प्रति दिन ३०० रुपए की अवैध वसूली करते हैं। रेहड़ी वालों ने इस संबंध में लिखित शिकायत जिला शिकायत अधिकारी महिंदरपाल गुप्ता को सौंप दी।

क्या है मामला

मंगलवार को अपने बेटों का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने मिनी सेके्रटेरिएट पहुंचे कारोबारी संजय कुमार ने महंगे फार्म बेचने की शिकायत डीसी रजत अग्रवाल से की थी। इससे गुस्साए ठेकेदार के कारिंदों ने डीसी ऑफिस के सामने ही संजय के साथ-साथ उनके बेटों की भी पिटाई कर दी। मामला थाने पहुंचा तो पुलिस ने बच्चों सहित क्रास पर्चे का डर दिखाकर जबरन समझौता करवा दिया।