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बकाया लेने मेडिकल स्टोर गए दवा सप्लायर की मौत, मां बोली; हत्या हुई

8 वर्ष पहले
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लुधियाना. राहों रोड इलाके के एक मेडिकल स्टोर पर अपने बकाया पैसे मांगने पहुंचे एक दवा सप्लायर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मरने वाला युवक टिब्बा रोड स्थित महाराणा प्रताप कॉलोनी का रहने वाला ललित शर्मा था। ललित की मां ने आरोप लगाया कि, उसके बेटे की जहर देकर हत्या की गई है। ललित की मौत के बाद मेडिकल स्टार का मालिक संजीव वर्मा और उसका साथी फरार है।

ललित के भाई नितिन ने बताया कि आरोपियों के पास ललित बकाया के पैसे मांगने गया था। ललित दवाई की सप्लाई का काम करता था। दो महीने पहले से ही उसने यह काम बंद कर दिया। संजीव से बकाया के लेनदेन के सिलसिले में दो पहले भी उसकी कहासुनी हो चुकी थी।

बेहोश, नंगी अवस्था में मिला ललित

नितिन ने बताया कि, घर से निकलने के बाद ललित काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो उसने और घरवालों ने उसके मोबाइल पर करीब 20-25 कॉल किए। लेकिन उसने कॉल अटैंड नहीं की। करीब ढाई घंटे बाद संजीव वर्मा ने फोन उठाया। संजीव बोला तुम्हारे भाई को दौरा आया है और वह यहीं बेहोश पड़ा है। जब वह कुछ लोगों के साथ आरोपी की मेडिकल शॉप पर पहुंचा तो उसका भाई बेहोश और लगभग नंगी हालत में जमीन पर पड़ा था। उसके सिर पर आरोपियों ने पानी के छींटे मारे थे। बाद में वह कुछ लोगों की मदद से ललित को सीएमसी लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दिया। बाद में थाना मेहरबान की पुलिस ने आरोपी संजीव और मोनू के खिलाफ शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


बेटा पापा से पूछ कब वापस आएंगे...


शुक्रवार की दोपहर ही ललित की मौत चुकी थी; लेकिन उसकी पत्नी सरिता अब तक यह मानने को राजी नहीं थी कि ललित अब इस दुनिया में नहीं रहा। अभी दो साल पहले ही उसकी शादी हुई थी; अपने एक साल के बेटे तनीष को गोद में लिए वह बार-बार यही दोहरा रही थी; बेटा पापा से पूछ कब तक वापस आएंगे। वह बार-बार यही दोहराती कल दोपहर दूध लेने जा रहा हूं कह कर गए थे पता नहीं क्यों लौट कर नहीं आ रहे।

मेरे बचपन का यार बिछड़ गया...

अपने बचन के दोस्त ललित की मौत का सदमा तो उसके बचपन के दोस्त सन्नी को था, लेकिन साथ के दोस्तों के साथ सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम ऑफिस के बाहर कभी ललित के पिता तो कभी उसके छोटे भाई नितिन को ढांढस बंधाने में जुटा था। पूछताछ के दौरान बोला; मेरे बचपन का यार था ललित, दसवीं तक साथ ही पढ़ा; देखो कैसे साथ छोड़ गया।