लुधियाना। सिफारिश या जेब गर्म कर मुलाजिम कहीं अयोग्य लोगों को लाइसेंस टेस्ट में पास तो नहीं कर रहे, यह जानने के लिए डीटीओ अनिल गर्ग ने मंगलवार को "स्टिंग आॅपरेशन' किया। इसमें मुलाजिम पास हो गए, क्योंकि उन्होंने डीटीओ द्वारा भेजे युवक का टेब टेस्ट फेल होने पर उसकी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दी। अब डीटीओ ड्राइविंग लाइसेंस की दूसरी ब्रांचेज के साथ आफ़िस में क्लर्कों के भी "स्टिंग आॅपरेशन' करने की योजना बना रहे हैं।
ऐसे हुआ "स्टिंग आपरेशन'
एक युवक किसी परिचित की सिफारिश लेकर लर्निंग लाइसेंस बनवाने आया तो डीटीअो ने उसे चिल्ड्रन पार्क स्थित लर्निंग लाइसेंस सेंटर भेज दिया। उसके साथ ऑफिस का एक मुलाजिम भी भेज दिया। जिसे लर्निंग लाइसेंस अप्लाई करने के प्रोसेस व मुलाजिमों के काम पर निगाह रखने को कहा गया।
टेब टेस्ट में ही किया फेल
लर्निंग लाइसेंस फीस जमा कर मेडिकल करवाने के बाद युवक टेब टेस्ट देने पहुंचा। वहां लाइसेंस आवेदकों को वालीवुड अभिनेता
अमिताभ बच्चन के द्वारा होस्ट किए जाने वाले मशहूर क्विज शो "कौन बनेगा करोड़पति'की तर्ज पर ट्रैफिक चिन्हों के बारे में सवाल पूछकर सही विकल्प वाला बटन दबाना होता है। 10 में से 6 सवालों के जवाब देने वाले को पास माना जाता है लेकिन डीटीओ ने जिस युवक को भेजा वो फेल हो गया।
डीटीओ की सिफारिश भी नहीं मानी
मुलाजिम कहीं सिफारिश के दबाव में आकर गलत काम न करें, यह जानने को उक्त युवक और साथ गए मुलाजिम ने कहा कि डीटीओ साहब ने उसे भेजा है। मगर, मुलाजिमों ने उसे दोबारा टेब टेस्ट देने को कहकर लौटा दिया।
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