गुरुसर सुधार (लुधियाना). पर्यावरण प्रेमियों के बीच ग्रीन-मैन के नाम से मशहूर करीब 44 साल के शीतल प्रकाश से सीख लेकर कस्बा गुरुसर सुधार के स्कूली बच्चे अब ईको-फ्रेंडली दशहरा मनाएंगे। प्रदूषण को ही रावण मानने वाले इन बच्चों ने शीतल अंकल की नसीहत से ही वे बेकार चीजें जुटाईं, जो प्रदूषण न बढ़ाएं। मसलन, एक बच्चा घर से गत्ते के खाली डिब्बे तो दूसरा रंगीन कागज लेकर आया। स्टेट अवॉर्डी शीतल की मेहनत से कस्बे में सुए किनारे एक एकड़ बंजर जमीन पर तैयार लिटिल शैडो नर्सरी में ही रावण तैयार हो रहा है। कुछ बच्चों ने वहीं से पेड़ों से टूटकर गिरी सूखी टहनियों से रावण के पुतले का ढांचा बनाया तो किसी ने उसमें सूखे पत्ते भर दिए। पुतले के पेट व गले की गोलाई के लिए एक बच्चा घर में कबाड़ पड़े टेबल फैन के ब्लेड्स को कवर करने वाली जाली ले आया। इत्तेफाक से बच्चों की यह क्रिएटिविटी चंडीगढ़ में रॉक गार्डन के क्रिएटर पदमश्री नेकचंद के यूज ऑफ वेस्टेज कॉन्सेप्ट की मिसाल भी पेश कर रही है।
पौधे लगा प्रदूषण रूपी रावण का भी अंत करेंगे: इस मुहिम को और बेहतर दिशा देने के मकसद से शीतल ने बच्चों को यह संकल्प भी दिलाया है कि वे रावण दहन के दौरान आतिशबाजी नहीं करेंगे। साथ ही दहन करके प्रदूषण रूपी रावण का अंत करने के लिए भी नर्सरी में एक-एक पौधा लगाएंगे। यहां काबिलेजिक्र है कि इस मुहिम के साथ ही आपसी भाईचारे का पैगाम देने के लिए रावण का पुतला तैयार करने वाले बच्चों में अनमोल, रवि, अभिषेक, रमनदीप सिंह, मनोज जैन, शुभम, रोहित, जगजोत के साथ नौशाद,
आमिर खान, आरिफ भी हैं। जबकि बड़ी उम्र वाले जगदीश सिंह लिट् व हरीश कुमार भी शामिल हैं।
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