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डाउनलोड करेंलुधियाना. बुधवार को बसंत एवेन्यू में कारोबारी विजय गुप्ता के बेटे सचिन की दर्दनाक मौत के बाद पूरे इलाके में मातम छाया रहा। हजारों लोगों ने नम आंखों से सचिन को विदाई दी। किसी के भी आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। सचिन के रिश्तेदारों, उसके दोस्तों व परिजनों की जुबां पर एक ही बात थी कि सचिन ने आरोपियों का क्या बिगाड़ा था।
सचिन तो मिलनसार था और खुद ही लोगों की सहायता करता था। अगर आरोपियों को पैसों की भूख थी तो पैसे ले लेते। लेकिन हमारे सचिन को क्यों मार दिया। गम में डूबे सचिन के परिवार के लोग कोई भी रोष नहीं जता रहा थे। उनकी आंसू ही उनकी दर्द भरी कहानी और पुलिस की लापरवाही को बयां कर रहे थे।
बेहोश हुई मां
अंत्येष्टि के दौरान सचिन की मां और बहन कई बार बेहोश होकर गिर पड़ी। विलाप करते हुए रंजू कह रही थी कि कोई मेरे सचिन को जगा दो। मैं उसके बिना जिंदा नहीं रह सकती। मेरे बेटे ने कभी किसी को कुछ नहीं कहा। जबकि विजय गुप्ता आंसू पोछते हुए कहते रहे कि सचिन उनका इकलौता बेटा था। अगर हत्यारों को पैसा चाहिए था तो पैसे ले लेते पर बेटे को न मारते।
हर काम में आगे था
सचिन के दोस्तों का कहना था कि सचिन कभी भी दोस्ती में पीछे नहीं हटा था। अपने परिवार के काम करने के साथ साथ वह अपने दोस्तों के हर काम में सहायता करता था। कभी भी उसने किसी काम से मना नहीं किया। सचिन की शवयात्रा में शामिल होने के लिए खड़े लोग उसके पड़ोसी मंजीत सिंह का घर निहार रहे थे।
बच्चों की तरह पाला था छोटू को
सचिन के रिश्तेदारों का आरोप था कि प्रॉपर्टी डीलर के परिवार ने अपनी नौकर की सहायता से ही सचिन की हत्या की है। सचिन के मामा का आरोप था कि इतनी घिनौनी हरकत के बाद उनके साथ बैठ कर खाना खाते रहे और उन्हें हौंसला भी देते रहे। आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई पर नजर रखी और पुलिस की नाकाबंदी के कारण शव को बाहर नहीं फेंक सके। करीब 8 साल पहले प्रॉपर्टी डीलर इस कॉलोनी में आए थे तो छोटू 10 साल का था। उन्होंने छोटू को अपने बच्चों की तरह रखा ।
अभिभावकों ने की हाय तौबा
पड़ोसी के घर में चल रहे प्ले स्कूल में पढऩे वाले बच्चों के मां-बाप को जब इस हत्याकांड का पता चला तो उन्होंने भी हाय तौबा कर ली। उनमें डर था कि वह अपने बच्चों को किस तरह के लोगों से शिक्षा दिलवा रहे थे। आखिर दिल में इस तरह की हरकत रखने वाले बच्चों का भविष्य क्या संवारेंगे।
पूरे इलाके में पसरा सन्नाटा
हत्या के बाद खौफ फैला हुआ था। लोगों का कहना था कि इस हत्या कांड ने लोगों को हिला कर रख दिया है। अगर समय के रहते पुलिस कार्रवाई करती तो बच्चे को बचाया जा सकता था। पड़ोसी की घिनौनी हरकत ने तो पड़ोस की परिभाषा ही बदल कर रख दी है।
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