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  • First Najma, Shakuntala On Monday, Current Who's Next Victim?

पहले नजमा, मंडे को शकुंतला, करंट का अगला शिकार कौन?

7 वर्ष पहले
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लुधियाना. गुरु तेग बहादुर नगर इलाके के लोगों को सोमवार को करंट की चपेट में आकर शकुंतला की मौत के बाद यह डर सताने लगा है कि उनकी छतों से गुजरती हाईटेंशन तारों की चपेट में आने की बारी अब किसकी है। पूरे इलाके के लोग हादसे के बाद से दहशत में हैं। दो साल पहले भी इसी मकान के पास 7 साल की नजमा बिजली की तारों की चपेट में आकर अपना दोनों हाथ गंवा चुकी है। मंगलवार को ही उसके पिता आशिक अली उसके सिर पर आई चोट का इलाज करवाने पीजीआई चंडीगढ़ लेकर गए।

सोमवार की शाम को अपने काम से लौटी शकुंतला बाथरूम में कपड़े धोकर निकली। जैसे ही उसने अपनी शॉल फैलाने की कोशिश की वह हाईटेंशन तारों की चपेट में आ गई। शकुंतला की मौके पर ही मौत हो गई। शकुंतला के पति इंदरजीत, 7 साल की लड़की प्रिया और 4 साल का छोटा बेटा शिवम इस वक्त घर में ही मौजूद थे। इलाके के लोग सबसे ज्यादा इस बात को लेकर दहशत में रहते हैं कि यहां से गुजरने वाली हाईटेंशन की दोनों ही लाइनें एक ही खंभे पर हैं। ये तारें कहीं उनकी छतों के बिल्कुल ही ऊपर से तो कहीं बिल्कुल ही सटकर गुजरतीं हैं। पावर कॉम को कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

दोनों हाथ गवां चुकी है नजमा

दो साल पहले छत पर खेलने के दौरान अचानक नजमा करंट की चपेट में आ गई थी। हादसे में उसकी जान तो बच गई, लेकिन उसे अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े। सिर पर भी गंभीर जख्म आया और अब तक उसका पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। मोहल्ले में हाईटेंशन तारों की चपेट में आने से हादसे के जिम्मेदार लोग भले ही अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर किनारा कर रहे हैं, लेकिन यहां रहने वालों को रोजाना ही जिंदगी जीने के लिए मौत की झूलती तारों का सामना करना पड़ता है।

3 बार जमीन पर आ गिरा ट्रांसफॉर्मर

इसी मोहल्ले में रहने वाले पवन ने बताया कि गर्मी के दिनों में तीन बार उनकी जान बाल-बाल बची। मोहल्ले के बीच सड़क पर ही लगा ट्रांसफॉर्मर तीन बार जमीन पर आ गिरा और हाईटेंशन तारें लोगों की छतों पर जा गिरा, कई लोगों की जान मुश्किल से बची। हद तो यह है कि चंदा इकट्ठा कर मोहल्ले वालों ने ट्रांसफॉर्मर तो लगवा लिया, लेकिन पावरकॉम के मुलाजिमों ने ट्रांसफॉर्मर खंभे पर टिकाने के लिए नट-बोल्ट लगाने तक की जरूरत नहीं समझी।