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टीचर्स को जेल भेजने पर सरकार को नोटिस

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ. वेतन की मांग करने वाले अध्यापकों को पंजाब सरकार द्वारा जेल भेजने के मामले का पंजाब मानवाधिकार आयोग ने कड़ा नोटिस लिया है। आयोग के सदस्यों ने मीडिया में छपी खबरों का कड़ा नोटिस लेते हुए गृह विभाग को नोटिस जारी कर एसएसपी बठिंडा से ४ जुलाई तक रिपोर्ट तलब करने को कहा है। आयोग ने विभाग के प्रमुख सचिव डीएस. बैंस को कहा कि वे ऐसे मामलों को गंभीरता से लें।

आयोग ने कहा कि अपने हक की मांग करने वालों को सरकार द्वारा जेल भेजे जाना नियमों का उल्लंघन है। ये अध्यापक अपना वेतन मांग रहे थे न कि कोई अपराध कर रहे थे। आलाधिकारियों द्वारा ऐसे लोगों को जेल भेज दिए जाना गलत है। इसलिए मानवता के आधार पर इन अध्यापकों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।

टीचर्स जेलें भरते रहेंगे
बठिंडा. फरीदकोट जेल में बंद एसएसए, रमसा और सीएसएस यूनियन के 75 पुरुष और महिला सदस्यों को मंगलवार को बठिंडा में एडिशनल सिविल जज जसबीर कौर की कोर्ट में पेश किया गया जहां अगली पेशी की तारीख 28 मई मुकर्रर कर दी गई। कोर्ट परिसर से बाहर निकलते ही महिला और पुरुष सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। यूनियन के प्रदेश प्रधान दीदार सिंह ने कहा कि हम अपने हक के लिए जेलें भरते रहेंगे।