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डाउनलोड करेंलुधियाना. लोगों को अपने घरों की छतों और गलियों में मौत बनकर झूलती बिजली की नंगी तारों से जल्द ही निजात मिलने जा रही है। केंद्र सरकार की री-स्ट्रक्चर्ड एक्सीलेरेटेड पावर डेवलपमेंट एंड रि फॉम्र्स प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) के तहत शहर में 500 करोड़ की लागत से
बिजली की पुरानी तारों की जगह केबल लाइन बिछाने का काम शुरू हो चुका है। जल्द ही पूरे शहर में बिजली की नंगी तारों की जगह ये केबल ले लेंगी। आरएपीडीआरपी प्रोजेक्ट के तहत पूरे लुधियाना शहर को बिजली की तारों के जंजाल से मुक्त कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार की आरएपीडीआरपी प्रोजेक्ट के तहत लुधियाना में केबल बिछाने का जिम्मा एलएंडटी कंपनी को दिया गया है।
5 साल में पूरा करना होगा प्रोजेक्ट : आरएपीडीआरपी प्रोजेक्ट के तहत पंजाब के सभी बड़े शहरों को बिजली की नंगी तारों से मुक्ति दिलाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट को 5 साल के अंदर पूरा करना है। पावर कॉम के वेस्ट डिवीजन के एसडीओ वीके गर्ग ने बताया कि एलएंडटी कंपनी के पास अभी लुधियाना, जालंधर और अमृतसर शहर के प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार की ओर से पंजाब के लिए 1700-1800 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट में से केवल लुधियाना के लिए करीब 500 करोड़ का बजट रखा गया है।
डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स दिलाएगा तारों के जंजाल से मुक्ति : प्रत्येक गली के खंभों पर लगा डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स कनेक्टर के जरिए हर घर को बिजली की सप्लाई देगा। इससे बिजली की बेवजह फैली तारों की जगह एक केबल से सारा काम हो जाएगा और लोगों को तारों के जंजाल से मुक्ति मिलेगी।
शॉट सर्किट से नहीं जूझना पड़ेगा : केबल से लोगों को करंट के डर से निजात मिलने के साथ ही शॉट सर्किट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही लोगों को केबल लगने से वोल्टेज घटने-बढऩे और मौसम बिगडऩे पर तुरंत बिजली कट जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। इस केबल में अच्छी क्वालिटी के मेटल का इस्तेमाल किया गया है, इससे काफी हद तक लोगों के बिजली बिल मेंभी कटौती होगी। वहीं ट्रांसमिशन कॉस्ट में भी कमी आएगी।
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