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दिसंबर में शुरू हो जाएंगे ग्यासपुरा जालंधर बाइपास, अमलतास ब्रिज

7 वर्ष पहले
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लुधियाना. शहरवासियों को अगले तीन महीने में जालंधर बाइपास से लेकर अमलतास तक रोजाना पेश आ रही ट्रैफिक समस्या से राहत मिल जाएगी। पिछले करीब दो साल से नेशनल हाईवे (एनएच)-1 पर बंद पानीपत जालंधर सिक्स लेन प्रोजेक्ट पर सोमा आइसोलैक्स ने काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में कंपनी ग्यासपुरा, जालंधर बाइपास व अमलतास ब्रिज को दिसंबर तक पूरा कर शुरू करेगी। यहां पर ब्रिज का काम लगभग पूरा है और इनके रैंप एक दूसरे ब्रिज से जोड़े जाने हैं।

एनएच-1 सिक्स लेन प्रोजेक्ट का काम ठप होने से जालंधर बाइपास से रोजाना गुजरने वाली शहर की करीब दो लाख आबादी को रोजाना सुबह व शाम में ट्रैफिक समस्या झेलनी पड़ रही है। अगले तीन महीने में बहादुरके से जालंधर बाइपास ब्रिज को चालू करने की प्लानिंग है। इसके साथ ही जालंधर ब्रिज को अमलतास ब्रिज के साथ जोड़ा जाना है। इन ब्रिज के चालू होने से जालंधर से दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला को जाने वाले ट्रैफिक को शहर की सड़कों पर आने की जरूरत नहीं होगी।
ब्रिज के साथ शहर की सड़कों के ट्रैफिक को बड़ी राहत मिल पाएगी। खन्ना से लेकर सतलुज पुल तक उक्त प्रोजेक्ट के हिस्से में 15 ब्रिज व 2 आरओबी आते हैं। इनमें दिल्ली जीटी रोड पर आते ग्यासपुरा ब्रिज को भी अगले दो महीने में चालू किया जाना है।
बाइपास पर राहत के लिए करीब डेढ़ साल लंबा इंतजार
शेरपुर चौक से लेकर जालंधर बाइपास तक करीब 7 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच में लोगों को अभी डेढ़ साल तक परेशानी झेलनी होगी। जहां अभी शेरपुर चौक पर तैयार ब्रिज को अागे कैंसर अस्पताल तक लेकर जाना है, पर काम ठप है। इसके अागे बस्ती जोधेवाल चौक व ताजपुर रोड पर बनने वाले फ्लाईओवर का काम शुरू तक नहीं हुआ है।
मार्च 2015 तक पूरा करना है पानीपत-जालंधर प्रोजेक्ट
पानीपत से लेकर जालंधर तक करीब 291 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में कुल 70 सेक्शन ऐसे हैं, जिन्हें अभी पूरा किया जाना है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी व सोमा के बीच में इस प्रोजेक्ट के लिए सितंबर 2008 में करार हुआ था। तब से अब तक इस प्रोजेक्ट पर करीब 71 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। इसे 2015 तक पूरा करना है।
पहले वे फ्लाईओवर शुरू किए जा रहे हैं, जो लगभग तैयार हैं। इन फ्लाईओवर को रैंप बनाकर चालू किया जाएगा। इनमें से तीन के फ्लाईओवर आपस में अटैच हो पाएंगे। वहीं शहर के भीतरी हिस्से में आते कई फ्लाईओवर कुछ लोकल इश्यू के कारण शुरू नहीं हो पाए थे, अब उन्हें भी चालू किया जाएगा।
-सी रामामूर्ति, प्रोजेक्ट मैनेजर, सोमा