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'खुशवंत सिंह पॉलिटिकली इनकरेक्ट'

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2014, 04:53 AM IST

2 फरवरी को 100 साल के हुए राइटर खुशवंत सिंह पर बुधवार को पीयू में एक विशेष सेमिनार हुआ।

Khushwant Singh politically Incorrect
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चंडीगढ़. 2 फरवरी को 100 साल के हुए राइटर खुशवंत सिंह पर बुधवार को पीयू में एक विशेष सेमिनार हुआ। गोल्डन जुबली हॉल में हुए इस सेमिनार का टॉपिक था- 'खुशवंत सिंह- द राइटर, हिस्टोरियन एंड जर्नलिस्ट'। डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश एंड कल्चरल स्टडीज के इस सेमिनार में कई इतिहासकार और पत्रकार जुटे। खुशवंत सिंह की जगह उनके बेटे व वरिष्ठ पत्रकार राहुल सिंह पहुंचे।

पीयू के डिपार्टमेंट ऑफ हिस्ट्री की पूर्व प्रोफेसर इंदु बंगा ने कहा- खुशवंत सिंह की ज्यादातर किताबें जर्नलिस्टिक एप्रोच से लिखी गई हैं। सिख इतिहास पर उनकी किताबों में कई ऐसी अवधारणाएं हैं जिनका कोई सबूत इतिहास में नहीं मिलता। जैसे- वह कहते हैं कि गुरु नानक देव जी के समय यह कह दिया गया था कि सिख ना हिंदू हैं और ना ही मुसलमान। एक ओर वह कहते हैं कि गुरु नानक देव जी के काफी कम मानने वाले थे। मैं उनकी रिसर्च क्षमताओं पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन ये स्रोतों पर आधारित ज्यादा लगती हैं।

प्रो. इंदु के लेक्चर के तुरंत बाद राहुल सिंह ने टिप्पणी की। उन्होंने अपने पिता को पॉलिटिकली इनकरेक्ट, लेकिन दिल से लिखने वाले इंसान बताया, जिनका डिसिप्लिन कमाल का है। राहुल सिंह ने अपने पिता खुशवंत सिंह के बारे में सेमिनार में कई किस्से, बातें बताईं जिन्हें सुनकर गोल्डन जुबली हॉल में बैठे लोग हंसते रहे। कहा- पंजाब यूनिवर्सिटी खुशवंत को अपना एल्युमनी कहते हुए सम्मानित कर रही है, लेकिन सब स्टूडेंट्स के लिए यह खुशी की बात है कि वह हमेशा थर्ड डिवीजनर रहे हैं। खुशवंत सिंह के फेमस होने का कारण यह भी है कि वह हर किसी को लेटर का जवाब जरूर देते और वो भी पोस्ट कार्ड पर। एसजीपीसी ने खुशवंत सिंह को जब सरदारों पर जोक लिखने से मना किया तो उन्होंने उनको पोस्ट कार्ड पर जवाब दिया। इस पर तीन शब्द लिखे थे- गो टु हेल।

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