पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Nirmaljit Singh Sekhon Awarded By Paramvir Chakra Award

ये IAF के इकलौते परमवीर चक्र विजेता, पाक भी करता है इनकी तारीफ

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लुधियाना. 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध में देश की रक्षा करते हुए 14 दिसंबर को निर्मलजीत सिंह सेखों शहीद हो गए थे। उनकी वीरता को देखते हुए 26 जनवरी 1972 को राष्ट्रपति वीवी गिरी ने सेखों को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया था। परमवीर चक्र वीरता के लिए दिए जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। निर्मलजीत सिंह सेखों इंडियन एयरफोर्स के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता है।
गुमनाम रही कुर्बानी
'शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरनेवालों का यही बाकी निशां होगा। कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे, जब अपनी ही ज़मीं होगी और अपना आसमां होगा।' स्व. जगदंबा प्रसाद मिश्र 'हितैषी' जी की ये चंद पंक्तियां इंडियन एयरफोर्स के इकलौते परमवीर चक्र विजेता शहीद फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की 43वीं पुण्यतिथि पर शायद उनका शहर लुधियाना ही दोहराना भूल गया। सेखों की पुण्यतिथि पर न तो जिला प्रशासन की ओर से किसी फंक्शन का आयोजन किया गया और न ही किसी नेता या संस्था ने ही उन्हें याद करने की जरूरत समझी। बस शहीद सेखों के बुत पर किसी ने चंद फूलों के हार चढ़ाकर उनकी कुर्बानी को गुमनाम करना ही मुनासिब समझा।

पुश्तैनी है वीर की विरासत
17 जुलाई 1943 को लुधियाना के इस्सेवाल में जन्मे शहीद निर्मलजीत सिंह सेखों में फौज में जाने का जज्बा अपने पिता और दादा से विरासत में मिला। शहीद निर्मलजीत सिंह सेखों के दिवंगत पिता फ्लाइट लेफ्टिनेंट तिरलोक सिंह ने भी सेना में वारंट ऑफिसर के पद पर अपनी सेवाएं दी थीं और उनके दादा बचन सिंह भी आज़ादी से पहले की ब्रिटिश इंडियन आर्मी में भर्ती हुए और चीन में भी तैनात रहे।

दुश्मन भी हुए उनकी वीरता के मुरीद
1968 में सेखों ने फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर एयरफोर्स ज्वाइन किया। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान सेखों श्रीनगर स्थित एयरफोर्स की 18 स्क्वॉड्रन में तैनात थे और 14 दिसंबर को श्रीनगर एयरफील्ड पर जब 6 पाक सेबर फाइटर जहाजों ने अचानक हमला बोल दिया तो भारी बमबारी होने के बावजूद सेखों ने जान की परवाह किया बगैर जैसे-तैसे अपने जहाज में उड़ान भरी और दुश्मन के 6 जहाजों पर हमला बोल उन्हें अपने वायु सीमा से भागने पर मजबूर कर दिया। इस लड़ाई में सेखों का विमान क्षतिग्रस्त होकर जमीन आ गिरा और सेखों को वीरगति मिली। शहीद सेखों को उनके मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। पाक एयरफोर्स के एयरकोमोडोर कैसर तुफैल (रि.) ने ग्रेट एयर बैटल्स ऑफ़ पाकिस्तान के एक अध्याय में उनकी सराहना भी की है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें, आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल ने क्या निर्मलजीत सिंह सेखों की कुर्बानी पर...