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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. परिवार की इच्छा के खिलाफ घर से भागकर चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के धार्मिक संस्थानों में शादी कराना व सर्टिफिकेट लेना संभव नहीं होगा। मंगलवार को हाईकोर्ट ने ट्राईसिटी के पंडितों और पाठियों को दो टूक कहा कि ऐसी शादी कराने के बाद सर्टिफिकेट जारी करने वाले जेल जाने को तैयार रहें।
जस्टिस एमएस सुल्लर ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे पंडितों व ग्र्रंथियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। केस दर्ज होने पर जमानत का लाभ भी हाईकोर्ट से नीचे की अदालतों में न मिले। हाईकोर्ट ने इस चेतावनी के साथ एक दर्जन पंडितों व दो पाठियों को छोड़ दिया कि वे भविष्य में ऐसी कोई शादी नहीं कराएंगे। जस्टिस सुल्लर ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट वैध विवाह पर रोक नहीं लगा रहा, बल्कि यह कार्रवाई परिवार की इच्छा के खिलाफ हो रही शादियों के सर्टिफिकेट पर रोक को लेकर है।
बीते कुछ समय से इन मामलों में तेजी आई है। एक मामले का उदाहरण देते हुए अदालत ने कहा कि परिवार की इच्छा के खिलाफ प्रेम विवाह करने के बाद लड़के ने पत्नी की कजन से ही यहां आकर दूसरी शादी की। लड़का पहले से ही विवाहित था। ऐसे में तीन परिवार बिखर गए। अमृतसर के एक जोड़े ने प्रेम विवाह के बाद हाईकोर्ट से जान माल की सुरक्षा मांगते हुए कहा था कि वे चंडीगढ़ पहुंचे तो कहा गया कि 65 हजार रुपए में शादी के बाद अदालत से जान माल की सुरक्षा भी दिला दी जाएगी।
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