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बंसल के जाने के आसार, बच सकते हैं कानून मंत्री

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. कोयला घोटाले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद कानून मंत्री अश्विनी कुमार का जाना तय माना जा रहा है। उधर, सीबीआई रेलमंत्री पवन बंसल पर फंदा सकती जा रही है। जांच बंसल के इर्द-गिर्द ही है। इसलिए अब रेलमंत्री की बारी है। ऐसे में वीरवार को दिनभर अटकलों का दौर जारी रहा। सत्तापक्ष में मेलमिलाप और बैठकें चलती रहीं। संभव है कि 22 मई को सरकार की चौथी वर्षगांठ से पहले बड़ा फेरबदल हो जाए। बंसल पर सीधे भ्रष्टाचार का आरोप है, इसलिए उनका इस्तीफा लिया जाए व अश्विनी का विभाग बदल दिया जाए।

कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीपी जोशी को रेल और मनीष तिवारी को कानून मंत्री का जिम्मेदारी दी जा सकती है।
पांच और आरोपियों को भेज न्यायिक हिरासत में : इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से बंसल के भांजे विजय सिंगला और रेलवे बोर्ड के निलंबित सदस्य (महेश कुमार) सहित पांच लोगों को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इनमें सिंगला के सहयोगी अजय गर्ग, व्यवसायी संदीप गोयल और जीजी टॉनिक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर नारायण राव मंजूनाथ शामिल हैं।

कैबिनेट की बैठक में नहीं पहुंचे बंसल, शरद ने मांगा इस्तीफा : केंद्रीय मंत्रिमंडल की गुरुवार को हुई बैठक में रेल मंत्री पवन बंसल नदारद रहे। इससे उनके बारे में कई तरह की अटकलों का बाजार गर्म हो गया। इस बीच जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव ने भी बंसल के इस्तीफे की मांग की है। पहले उन्होंने रेल मंत्री का बचाव किया था।

कानून मंत्री अश्विनी देंगे इस्तीफा पर ऐसा नहीं हुआ

सुबह कानून मंत्री अश्विनी कुमार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने साउथ ब्लॉक पहुंचे। अटकलें लगाई गई कि इस्तीफा हो सकता है। करीब आधे घंटे बाद कुमार वहां से लौट आए। बाद में बोले प्रधानमंत्री से भेंट ही नहीं हुई।

लेकिनत्नअश्विनी जब पीएमओ पहुंचे पीएम राष्ट्रपति से मिलने चले गए थे। कुमार प्रधानमंत्री के करीबी अधिकारियों को ही अपनी सफाई दे लौट आए।


प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से मिले पर फेरबदल नहीं हुआ
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति भवन जाकर मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। माना जा रहा है कि फेरबदल की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे रूटीन बैठक बताया।

अटॉर्नी जनरल वाहनवती पीएम से मिले। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के रुख और उसके कानूनी पक्ष के बारे में बताया। पीएम इन्हीं बातों के साथ प्रणब से मिले।


कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे बंसल पर इस्तीफा नहीं
शाम को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें अश्विनी कुमार तो शामिल हुए, लेकिन पवन बंसल नहीं पहुंचे। माना जा रहा है कि उन्होंने इस्तीफे की संभावना भावना भांपते हुए खुद ही
यह फैसला लिया।

सीबीआई बंसल के करीबी अधिकारी से पूछताछ कर करी है। अब बंसल की ही बारी है। ऐसे में उनका कैबिनेट में जाना सही नहीं होता।

बंसल से कभी भी हो सकती है पूछताछ
नई दिल्ली. रेलवे प्रमोशन घूस कांड में सीबीआई बंसल से कभी भी पूछताछ कर सकती है। सीबीआई ने बंसल के निजी सचिव राहुल भंडारी से वीरवार को पूछताछ की। भंडारी पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। सीबीआई ने उनकी फोन कॉल्स रिकॉर्ड की हैं। इसकी सत्यता की जांच के लिए उनसे पूछताछ की गई। सीबीआई के मुताबिक राहुल इस केस में बेहद अहम कड़ी हैं। उनसे बुधवार को भी चार घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। जांच एजेंसी अब पवन बंसल के बेटे अमित और मनीष से भी पूछताछ कर सकती है। इसके बाद रेलमंत्री की बारी
आ सकती है।