लुधियाना. ढंडारी की दुर्गा काॅलोनी इलाके में नाबालिग लड़की को जिंदा जलाकर मारने के मामले ने रविवार को तूल पकड़ लिया। लोगों ने डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के बयान के विरोध में जीटी रोड पर जाम लगा दिया। लोगों ने तीन बजे से लेकर पांच बजे तक करीब दो घंटे तक जाम लगाया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि डिप्टी सीएम ने परिवार का साथ देने की बजाए मामले की इंक्वायरी करने की बात कही है। जो कि सरासर गलत है। सरकार को पीड़ित परिवार को हौसला देना चाहिए। इतना ही नही सरकार को मुआवजे की राशि भी जल्द से जल्द रिलीज करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा, वारदात वाले दिन से ही प्रशासन केवल घोषणाएं कर रहा है। जबकि प्रशासन की तरफ से कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। कहा, पुलिस प्रशासन ने अभी तक मामले में रेप की धारा तक नहीं जोड़ी। एक आरोपी विक्की को भी अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। जबकि उसका साथ देने वाले दो लोग अभी भी इलाके से भागे हुए हैं। लोगाे ने कहा, अगर पुलिस ने जल्द से जल्द मामले को लेकर कार्रवाई नहीं की तो लगातार रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही मुआवजे की फाईल तैयार कर उसे मुकम्मल कर दिया जाएगा। मामले में रेप की धार भी जोड़ी जा रही है। उनकी मांग के अनुसार ही मामला फास्ट ट्रैक में चला कर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाई जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना खत्म किया।
इधर, जाम के चलते पुलिस ने दिल्ली की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को ढंडारी व शेरपुर चौक से और दिल्ली की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को साहनेवाल की तरफ से डायवर्ट किया। इस दौरान लोगांे को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पहले बाजारों में घूमे, फिर लगा दिया जाम
रविवार की सुबह प्रदर्शन कर रहे पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों दुर्गा कॉलोनी में इकट्ठा हुए। कारखाना मजदूर यूनियन के प्रधान लखविंदर सिंह, कामगार यूनियन के प्रधान राजविंदर, नौजवान सभा के नवकरण व छिंदरपाल ने लोगों का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारी पहले दुर्गा काॅलोनी के बाजारों में घूम कर रोष जताते रहे। और बाद में एकदम जाकर जीटी रोड पर बैठ गए। करीब 3 बजे से लेकर 5 बजे तक उन्होंने धरना लगाया। इस बात की खबर मिलते ही एसडीएम परमजीत सिंह, एडीसीपी परमजीत सिंह पन्नू, हरमोहन सिंह संधू, जसदेव सिंह संधू, एसीपी डा. ऋचा शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।
प्रदर्शनकारियों ने दोनों साइड पर धरना लगाकर पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान दूसरे संगठनों को भी संबोधित नहीं करने दिया। प्रवासी भलाई बोर्ड के आरसी यादव ने भी पीड़ित परिवार से बात करने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ बात करने से मना कर दिया। जहां तक कि मौके पर पहुंची महिला कांग्रेस की लीना टपारिया व कांग्रेस के विक्रम सिंह बाजवा तथा अन्य पदाधिकारियों को भी बात नहीं करने दी।